भारत दुनिया के 120 देशों को सिर्फ वैक्सीन ही नहीं, बल्कि उसे लगाने के लिए सिरिंज की सप्लाई भी कर रहा है। दुनिया में बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय कंपनियां सिरिंज के उत्पादन को बढ़ाने में जुटी हैं। सिरिंज बनाने वाली भारतीय कंपनी हिन्दुस्तान सिरिंज एंड मेडिकल डिवाइस (एचएमडी) ने हाल ही में जापान को कोरोना टीकाकरण के लिए 1.5 करोड़ सिरिज की सप्लाई की है।
कंपनी ने ब्राजील को भी 7.9 करोड़ सिरिंज की सप्लाई की है। कंपनी को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के माध्यम से कोरोना टीकाकरण के लिए 24 करोड़ सिरिंज की सप्लाई के ऑर्डर मिले हैं। एचएमडी के प्रबंध निदेशक राजीव नाथ कहते हैं कि कोरोना टीकाकरण के लिए दुनिया भर में 8-10 अरब सिरिंज की जरूरत होगी। पिछले साल भारत ने एक अरब सिरिंज का निर्यात किया था और इस साल यह बढ़कर 1.5 अरब तक जा सकता है।
सिरिंज की घरेलू और विदेशी दोनों स्तर पर भारी मांग को देखते हुए एचएमडी को उत्पादन क्षमता बढ़ानी पड़ी है। इसके लिए कंपनी को एक हजार लोगों को रोजगार पर रखना पड़ा क्योंकि कोरोना काल में काफी कर्मचारी नौकरी छोड़कर चले गए थे। नाथ ने बताया कि इस साल सितंबर तक कंपनी को भारत सरकार को 26.5 करोड़ सिरिंज की सप्लाई करनी है।फार्मा विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल की स्थिति में भारत अपने सिरिंज निर्यात में भारी बढ़ोतरी कर सकता है, लेकिन इस काम में सरकार को सिरिंज बनाने वाली छोटी-छोटी कंपनियों की मदद करनी होगी।
फिच सॉल्यूश्ान की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा सिरिंज निर्यातक देश है और इसके बाद चीन का नंबर आता है। भारतीय सिरिंज की कीमत दो रुपये के आसपास पड़ती है। इस कारण भी दुनिया के बाजार में भारतीय सिरिज की मांग ज्यादा है।










