कुतुबमीनार परिसर में पूजा के अधिकार की मांग करने वाली अपील याचिका पर साकेत कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता हरिशंकर जैन ने मंदिर के होने और पूजा के अधिकार की बहाली के समर्थन को लेकर अपना पक्ष रखा। इसके साथ ही दावा किया कि पुख्ता सुबूत हैं कि खंडहर के ऊपर कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद बनी है। दूसरी तरफ एएसआइ का कहना है कि मामले में निचली अदालत का फैसला सही था। कानून राष्ट्रीय स्मारक पर पूजा की इजाजत नहीं देता है। इस पूरे मामले की सुनवाई के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं।
अदालत : यदि यह मान लिया जाए कि मंदिर तोड़कर ढांचा खड़ा किया गया। मुसलमानों ने इसे मस्जिद के रूप में इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन इसे किस आधार पर बहाल करने का दावा कर सकते हैं।
पक्षकार : एंसिएंट मोन्यूमेंट्स एंड आर्कियोलाजिकल साइट्स एंड रिमेंस (एएमएएसआर) एक्ट-1958 के सेक्शन 16 का जिक्र करते हुए कहा कि अगर यह एक हिंदू मंदिर है तो इसकी अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती? कानून कहता है कि कोई संपत्ति यदि देवता की संपत्ति हो गई तो वह हमेशा देवता की ही रहती है। वहां एक लोहे का खंभा है जो करीब 1600 साल पुराना है। यह स्मारक के बीच में है। उस पर संस्कृत के श्लोक अंकित हैं। वहां भगवान महावीर की मूर्तियां हैं।
अदालत : मूर्ति के अस्तित्व पर विवाद नहीं है। यहां सवाल पूजा के अधिकार का है। इस अधिकार का वैधानिक समर्थन क्या है? क्या अपीलकर्ता को किसी कानूनी अधिकार से वंचित रखा गया है?
पक्षकार : संवैधानिक अधिकार से वंचित रखा गया है। अनुच्छेद-25 के तहत पूजा का अधिकार है। भारत में हजारों साल पुराने मंदिर हैं। उसी तरह यहां भी पूजा की जा सकती है। निचली अदालत ने मेरे अधिकार पर फैसला नहीं दिया। क्या मंदिर तोड़े जाने के बाद मस्जिद हो सकती है? क्या इसे मस्जिद माना जाएगा?
अदालत : अहम सवाल ये है कि इस बिल्डिंग का कैरेक्टर क्या है?
एएसआइ : इस स्मारक का निर्माण वर्षों पहले किया गया है। इसमें किसी प्रकार के बदलाव की मांग कभी नहीं की गई। हाल के दिनों में ऐसा मामला सामने आया है। किसी भी स्मारक में पूजा की नहीं अनुमति नहीं दी जा सकती।
CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.
By User 6 /
July 3, 2026 /
रायपुर। नवा रायपुर के ग्राम नकटी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान रोते-बिलखते परिवारों की तस्वीरों ने लोगों की संवेदनाओं को...
By User 6 /
June 30, 2026 /
नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल को लेकर आम लोगों के लिए सुकून देने वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से ईंधन की बिक्री और वितरण पर लागू सभी अस्थायी पाबंदियां हटाने का फैसला किया है।...
By User 6 /
June 30, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार अभी बहुत धीमी है। बारिश नहीं होने के कारण लोग बेहद परेशान है। गर्मी चरम पर है इस बीच अच्छी खबर यह है कि कल कई स्थानों में बारिश होने की संभावना जताई जा...
By User 6 /
July 2, 2026 /
अयोध्या. अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब कई अहम खुलासे हो रहे हैं। इस बीच खबर है आरोपियों के मकान पर बड़ी कार्यवाही हो सकती है। SIT ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, नियमों...
By User 6 /
June 29, 2026 /
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM) एलुमनी एसोसिएशन की प्रथम वार्षिक आम सभा रविवार को श्री नारायण गुरु मंदिर परिसर में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, सदस्यता, वित्तीय विवरण और वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यक्रमों सहित...
By Reporter 5 /
June 28, 2026 /
रायपुर, 27 जून 2026। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के...
By User 6 /
June 28, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है लेकिन राजधानी रायपुर में अभी भी उमस बरकरार है। तेज गर्मी और धूप के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। इन सभी के बीच में राहत देने...
By User 6 /
July 1, 2026 /
नई दिल्ली। 1 जुलाई से देशभर में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं, अच्छी बात है है कि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। जहां एक ओर कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ी कटौती कर...
By User 6 /
June 30, 2026 /
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुण्डरदेही के रामसागर तालाब में एक युवक के डूबने की बात सामने आई. खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. लोग मौके पर पहुंचे...
By User 6 /
June 29, 2026 /
धार्मिक धारावाहिक रामायण आज भी लोगों के दिलों दिमाग में छाया हुआ है। राम सीता की जोड़ी आज भी लोगों के आंखों में समाई है और उनके लिए अपार आस्था भी है। आज भी लोग रामायण को नहीं भूल पाए...