राजस्थान में कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही आपसी खींचतान फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान के एक दिन बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे के विधायकों और नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।
सूत्रों के अनुसार पायलट की पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से टेलीफोन पर बात हुई है। प्रियंका ने पायलट को धर्य रखने की सलाह देते हुए अगले कुछ दिनों में ठोस निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद पायलट ने अपने समर्थकों से गहलोत और उनके खेमे के विधायकों के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देने के लिए कहा है। पायलट दिल्ली से जयपुर पहुंचेंगे। वहां अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक के दौरे पर भी जाएंगे।
प्रदेश में सत्ता और संगठन में संभावित बदलावों को लेकर गहलोत और पायलट खेमे सक्रिय हो गए हैं। गहलोत ने बीते शनिवार को मीडिया से कहा था कि साल 2020 में सरकार गिराने के षड्यंत्र में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पायलट मिले हुए थे। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने राहुल गांधी को पूरे प्रकरण की जानकारी दी है। इस बीच, गहलोत के विश्वस्त स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा में कहा कि सीएम ने जो कहा वह सही है। सरकार गिराने का षड्यंत्र किया गया था। कहा कि राजस्थान में महाराष्ट्र जैसी स्थिति नहीं होगी।
शेखावत ने यह कहा था
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने चार दिन पहले एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि पायलट 2020 में चूक गए, यदि ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह फैसला लिया होता तो 13 जिलों में पानी की समस्या का समधान हो गया होता। ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई होती ।










