द्रौपदी मुर्मू ने संसद के केन्द्रीय कक्ष में देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वह देश की दूसरी महिला औरक्ष आदिवासी समुदाय से सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली नेता हैं। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने मुर्मू को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।
मुर्मू स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली देश की पहली और सबसे युवा राष्ट्रपति हैं। उन्होंने निर्वतमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल पूरा होने के बाद इस पद को संभाला है।
शपद ग्रहण समारोह में निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय मंत्री , सांसद, विभिन्न राजनयिक मिशनों के प्रमुख और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। राष्ट्रपति को इस मौके पर 21 तोपों की सलामी दी गई।
शपथ लेने के बाद मुर्मू ने बतौर राष्ट्रपति अपने पहले संबोधन में कहा कि मैं भारत के समस्त नागरिकों की आशा-आकांक्षा और अधिकारों की प्रतीक इस पवित्र संसद से सभी देशवासियों का पूरी विनम्रता से अभिनंदन करती हूं। आपकी आत्मीयता, आपका विश्वास और आपका सहयोग, मेरे लिए इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे।










