फोर्ब्स एशिया के मुताबिक भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की सामूहिक संपत्ति 800 अरब डालर हो गई है। पिछले साल के मुकाबले संपत्ति में 25 अरब डालर की बढ़ोतरी हुई है। फोर्ब्स ने अपने बयान में कहा है कि डालर के मुकाबले कमजोर होते रुपये ने सबसे ज्यादा अमीर लोगों को प्रभावित किया है। हालांकि अदाणी समूह की कंपनियों को हुए रिकार्ड मुनाफे चलते उन्हें सूची में प्रथम स्थान मिला है।
भारत के अमीरों की संपत्ति में यह इजाफा मुख्य रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर टाइकून गौतम अदाणी की संपत्ति में रिकार्ड वृद्धि के कारण दर्ज की गई।
2008 के बाद पहली बार सौ भारतीय अमीरों की सूची के शीर्ष नाम में बदलाव हुआ है। वर्ष 2021 में अदाणी की संपत्ति में तीन गुना इजाफा हुआ था। इस वर्ष उनकी संपत्ति दोगुनी वृद्धि के साथ 150 अरब डालर पर पहुंच गई है और वे देश के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 88 अरब डालर के साथ सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति में पिछले साल के मुकाबले पांच प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
डी-मार्ट सुपरमार्केट चेन के मालिक राधाकिशन दमानी पहली बार शीर्ष तीन में शामिल हुए हैं। उनकी संपत्ति छह प्रतिशत घटकर 27.6 अरब डालर हो गई है। सीरम इंस्टीट्यूट के सायरस पूनावाला 21.5 अरब डालर के साथ सूची में चौथे स्थान पर हैं। शीर्ष पांच में साफ्टवेयर दिग्गज और एचसीएल टेक्नोलाजीज के शिव नादर का भी नाम है। उनकी संपत्ति 9.6 अरब डालर कम होकर 21.4 अरब डालर हो गई है।
शीर्ष दस भारतीय अमीर
गौतम अदाणी-150 अरब डालर
मुकेश अंबानी-88 अरब डालर
राधाकिशन दमानी-27.6 अरब डालर
सायरस पूनावाला-21.5 अरब डालर
शिव नादर-21.4 अरब डालर
सावित्री जिंदल-16.4 अरब डालर
दिलीप सांघवी-15.5 अरब डालर
हिंदुजा ब्रदर्स-15.2 अरब डालर
केएम बिरला-15 अरब डालर
बजाज परिवार-14.6 अरब डालर










