उत्तर प्रदेश के लखनऊ के कृष्णानगर की एलडीए कॉलोनी में अरविंद गोयल (60) और उनके बेटे आशीष (25) के शव घर में मिले। उनकी लाशें बुरी तरह से सड़ चुकी थीं, जबकि दोनों लाशों के पास में ही अरविंद की पत्नी रंजना बेसुध मिली। पुलिस ने गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पिता-पुत्र के शव देख कर लग रहा है कि उनकी मौत तीन-चार दिन पहले हो गई थी। रंजना पति और बेटे के शवों के साथ रह रहीं थीं।
पुलिस ने बताया कि पूरा परिवार होम आइसोलेशन में था। इस दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई। रंजना दिव्यांग हैं, इसलिए वह बाहर नहीं निकल सकीं। इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश दुबे के मुताबिक एलडीए कॉलोनी स्थित मकान नम्बर-215 में अरविंद (60) परिवार के साथ रहते थे। शनिवार रात में स्थानीय लोगों को मकान में बदबू महसूस हुई तब उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना दी।
अरविंद की पत्नी चल नहीं सकती थीं। ऐसे हालात में वह घर में ही किसी की मदद का इंतजार कर रहीं थीं। उनके सामने पति का शव पड़ा था। पुलिस के मुताबिक रंजना कोरोना संक्रमित लग रहीं हैं। उनकी तबीयत भी काफी खराब है। पति और बेटे की मौत का पता चलने के बाद रंजना ने मदद के लिए कई बार आवाज दी थी लेकिन कोई उनकी आवाज नहीं सुन सका।
पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि शायद अरविंद और आशीष कोराना संक्रमित थे इसलिए परिवार होम आइसोलेशन में था। चार दिन से वह दोनों भी किसी को नजर नहीं दिखे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को निकाला।










