देशभर में कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ने लगा है। यह सीधे मस्तिष्क को प्रभावित करता है। यह बीमारी देश के 26 राज्यों तक में फैल चुकी है। पूरे देश में इस समय लगभग 20 हजार मरीज ब्लैक फंगस इलाज करा रहे हैं। इस संकट के बीच योगगुरु स्वामी रामदेव ने दावा किया कि वह जल्द ब्लैक फंगस की दवा लेकर आने वाले हैं।
स्वामी रामदेव ने ऐलान किया कि ‘एक सप्ताह के अंदर ब्लैक फंगस, येलो फंगस और व्हाइट फंगस का आयुर्वेदिक इलाज लेकर आने वाला हूं। इसको लेकर काम पूरा हो चुका है और प्रक्रिया फाइनल स्टेज में है. हम अभी फंगस की दवाई बना रहे हैं। बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बीच विवाद एक बयान को लेकर शुरू हुआ था। बाबा रामदेव ने मॉडर्न एलोपैथी को स्टुपिड और दीवालिया साइंस करार दिया था। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ। हर्षवर्धन की अपील पर उन्होंन अपना बयान वापस ले लिया था।
आईएमए से विवाद पर बाबा रामदेव ने कहा, स्वामी रामदेव ने कहा कि आईएमए ना तो कोई साइंटिफिक वैलिडेशन की बॉडी है। ना इनके पास कोई लैब है। ना इनके पास कोई वैज्ञानिक हैं। आईएमए एक एनजीओ है। अपने बयान को लेकर स्वामी रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद का और योग का अनादर हुआ है। आईएमए बल्ब को, पेंट को और साबुन को बार-बार प्रमाणित करने का काम कर रहा है। जबकि कोरोनिल को अप्रमाणिक कहकर आयुर्वेद का मजाक उड़ाता है। विवाद इस बात से है, मैंने यह कहा है।










