महिमा पाठक रायपुर। क्या आप जानते हैं, ऑक्सीजन लेवल को बनाए रखने के लिए आयुर्वेद में कई सटीक उपाय हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से लंग्स इफेक्टेड होता है। ऑक्सीजन लेबल कम हो जाता है। ऑक्सीजन लेबल को नियंत्रित करने में आयुर्वेद दवाईयां ज्यादा कारगर है।
वर्तमान कोरोना महामारी से जनहानि को कम करने के लिए आयुर्वेद और एलोपैथिक दवाओं का समन्वित डोज ज्यादा कारगर होगा। एम डी आयुर्वेद डॉ. अंकिता राकेश मिश्रा का कहना है, कोरोना वायरस से निपटने के लिए इम्यूनिटी पावर का अच्छा होना जरूरी है। इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए व्यवस्थित दिनचर्या और मौसम के अनुकूल खान-पान होना चाहिए। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार को कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेद दवा को प्रोत्साहित करना चाहिए। समय रहते आयुर्वेद दवा के रिसर्च और प्रयोग पर फोकस किया जाता है तो इस महामारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
इन उपायों को अपनाएं कोरोना के आयुर्वेद उपचार के बारे में जानकारी देते हुए डाॅ.अंकिता ने बताया कि कोरोना संक्रमण लक्षणों में खाँसी, बुखार,गले में खराश आदी मुख्य हैं, जिनमें महालक्ष्मी विलास रास, तालीसादि,त्रिकटु चूर्ण, महासुदर्शन काढ़ा जैसी आयुर्वेदिक औषधियों के प्रयोग से बहुत लाभ मिल रहा है। फेफड़े के संक्रमण से बचाने के लिए कनकासव , श्वासकास चिंतामणि रस जैसी आयुर्वेदिक औषधियाँ उपलब्ध हैं, जिसमें ऑक्सीजन की कमी संबंधित समस्याओं का निवारण संभव है।
कोरोना संक्रमण घर के किसी एक व्यक्ति को हो जाने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों को इस संक्रमण से बचाने हेतु होम आईसोलेशन की अवस्था में विरुद्ध वर्ण, गिलोय सत व एवं भूनिम्बादि काढ़ा जैसी दवाईयों के प्रयोग से घर के अन्य सदस्यों को इस खतरनाक संक्रमण से बचाया जा सकता। 20 से 45 वर्ष तक के स्त्री-पुरुष के लक्षणों में आयुर्वेद दवाओं का त्वरित लाभ देखने को मिला है।
इस समय वसंत ऋतु चल रही है. अत: बसंत ऋतु में आयुर्वेद में जिस ऋतुचर्या का वर्णन किया गया है, जैसे शहद का रोजाना सेवन, गरम पानी पिएँ, सुपाच्य ताजा भोजन, मधुर रञ संबंधित खान-पान एवं नित व्यायाम का निर्देश दिया गया साथ ही साथ अपथ्य पदार्थ, दिन में सोना, ज्यादा कसरत करना वर्जित है। माध्यम से अतः इस प्रकार आयुर्वेदिक औषधियों एवं व्यवस्थित दिनचर्या के माध्यम से हम इस खतरनाक संक्रमण से मुकाबला कर सकते है।
डॉ. अंकिता ने कहा कि कोरोना की गंभीरता पर प्रश्न चिन्ह नही लगा रहे है किंतु यदि सही समय पर , प्राम्भिक अवस्था में आयुर्वेदिक औषधियां और दिनचर्या में आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपना लिया जाए तो आप वेंटिलेटर या अत्यंत गंभीर अवस्था और आर्थिक हानि से बचा जा सकते है ।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए हमने बहुत से आयुर्वेदिक औषधि के योगों का सफल प्रयोग किया है जिसके सेवन से आप अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति की वृद्धि करेंगें और इस गंभीर महामारी से स्वयं एवं परिवार की रक्षा करेंगें ।
हमारे बहुत से पेशेंट कोरोना काल में व्यवस्थित दिनचर्या और आयुर्वेद का पालन कर रहे है और स्वस्थ है ।
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