रायपुर, 24 जुलाई 2024 – छत्तीसगढ़ में ‘पैराटैक्सोनॉमी एवं बायोडायवर्सिटी संरक्षण’ पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस में 22 जुलाई से आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जैव विविधता के संरक्षण, संवर्धन और उचित प्रबंधन में मदद करना है।
कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड, राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, और बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, कोलकाता के सहयोग से आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण में 66 युवाओं को शामिल किया गया है, जिनमें से 48 प्रतिभागी उपस्थित थे। प्रशिक्षार्थियों को बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव जंतु, पौधों, और वनस्पति प्रजातियों की पहचान, उनके औषधीय उपयोग, और उत्पादन की मात्रा के बारे में सिखाया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें जैवविविधता अधिनियम के अनुसार जैव संसाधनों के उपयोग और प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय निकायों के जैव विविधता प्रबंधन समिति (बी.एम.सी.) के सदस्यों को उनके क्षेत्र की जैव विविधता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है।
छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड के अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत, प्रत्येक 4-5 ग्रामों के बीच एक प्रशिक्षित युवा को नियुक्त किया जाएगा। राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के डायरेक्टर ने प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित करने और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने की सलाह दी।
इस कार्यक्रम में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर और वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।
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