विश्व हिदू परिषद (विहिप) ने जहांगीरपुरी दंगा में दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली की निंदा की है। विहिप के दिल्ली प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 16 तारीख की घटना को सुनियोजित बताया, लेकिन मुस्लिम नेताओं के दबाव में आकर पुलिस ने अपना रुख बदल लिया। अब हनुमान भक्तों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना गलत कह रहे हैं कि हमने शोभायात्रा की अनुमति नहीं ली थी। जहांगीरपुरी समेत दिल्ली की 20 शोभायात्राओं की जानकारी पुलिस मुख्यालय को भी भेजी गई थी। बावजूद इसके जहांगीरपुरी में एक हजार लोगों की शोभायात्रा में तीन पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए भेजे गए। जहां मुख्य आरोपित अंसार ने दिल्ली पुलिस को झूठे भरोसे में लेकर हनुमान भक्तों पर हमला कराया और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
खन्ना ने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्यशैली है कि लिखित रूप में अनुमति नहीं देते। केवल सूचना रख लेते हैं। जहां पर मंजूरी नहीं देनी होती है उसे रद किया जाता है। 17 अप्रैल को शाहदरा में शोभायात्रा को रद करने का पत्र पुलिस ने भेजा, जिसकी वजह से उसे स्थगित कर दिया।
विहिप नेता ने कहा कि पुलिस आयुक्त ने 17 अप्रैल की मुलाकात में कहा था कि संवेदनशील इलाकों से शोभायात्रा नहीं निकालनी चाहिए। ऐसे में हम कहना चाहते हैं कि दिल्ली को हिंदू-मुस्लिम में बांट दिया तो जब मुसलमान ताजिए और मोहर्रम के जुलुस निकालेंगे तो क्या वह हिंदू इलाकों से नहीं निकलेंगे। ऐसे में पुलिस निर्दोष हिंदू पर कार्रवाई न करे। अगर ऐसा हुआ तो सड़क पर उतरकर विहिप इसका विरोध करेगा।










