रायपुर, 27 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट ‘संकल्प’ की रणनीति पर आधारित है, जो 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले बजट को ‘ज्ञान’ और दूसरे को ‘गति’ को समर्पित किया गया था, जबकि तीसरा बजट समावेशी और समग्र विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अमृतकाल में विकसित भारत की दिशा में अग्रसर है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ ने भी 2047 तक विकसित राज्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ‘छत्तीसगढ़ 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ जनभागीदारी से तैयार किया गया है, जिसमें अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियां शामिल हैं।
विकसित भारत जी रामजी योजना के लिए 4000 करोड़
वित्त मंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी रामजी योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि मनरेगा की तुलना में बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपये तथा विद्युत पंपों पर बिजली बिल सब्सिडी हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
अधोसंरचना और औद्योगिक विस्तार
राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ और मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 36 सड़कों को मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना से जोड़ा जाएगा, जिनमें न्यूनतम दो लेन की सुविधा होगी। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
शिक्षा और युवाओं के लिए नई पहल
छत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जाम योजना के तहत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित होंगी। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नक्सल उन्मूलन पर प्रभावी कार्रवाई
वित्त मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। पहले जहां हर सप्ताह शहादत की खबरें आती थीं, वहीं अब स्थिति में सुधार हुआ है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूर्व नक्सली भी शामिल हो रहे हैं।
वित्तीय अनुशासन और स्थिरता
राज्य ने जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। उधारी एफआरबीएम अधिनियम के तहत जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा में रखी जाएगी और कुल ऋण 25 प्रतिशत से नीचे रहेगा। सरकार ने पूर्व में दी गई 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय गारंटी घटाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये कर दी है।
बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष पैकेज
बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर ओलंपिक्स और सरगुजा ओलंपिक्स के आयोजन के लिए भी बजट में राशि रखी गई है। साथ ही 1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य और कर्मचारियों को राहत
कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे इलाज के दौरान तत्काल भुगतान की समस्या समाप्त होगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ‘संकल्प’ बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की ठोस रणनीति है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट राज्य को नई विकास दिशा देगा।










