छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की आहट को देखते हुए बीजेपी और कांग्रेस तैयारी में जुट गई हैं, क्योंकि लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता कभी भी लग सकती है। बीजेपी ने एक कदम आगे बढ़कर उम्मीदवारों के नामों की भी घोषणा कर दी है। दूसरी ओर विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस सुस्त नजर आ रही है। अकेले प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कमान सभालें हुए हैं। बैज सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फिर सक्रिय किया जा सके। दोनों दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
प्रदेश की 11 लोकसभा सीट में से 9 पर भाजपा का कब्जा है, जबकि 2 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। भाजपा को कुल 50.70 प्रतिशत वोट मिला था, वहीं कांग्रेस को 40.91 प्रतिशत वोट मिला था। विधानासभा चुनाव में बम्पर जीत के बाद बीजेपी लोकसभा चुनाव मे कोई कसर नहीं छोडना चाह रही है। बीजेपी नेता प्रदेश की सभी 11 लोकसभा सीट जीतने का दावा कर रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुद प्रदेश की कमान संभाले हैं। इसके अलावा केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 9 मार्च को रायपुर मे एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे। दिल्ली मे हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रत्याशियों के नाम का चयन कर घोषित भी कर दिया गया।
कांग्रेस विधानसभा चुनाव में हार के गम भूल नहीं पाई है। प्रदेश कांग्रेस दीपक बैज को छोड़ कोई भी नेता अभी तक हार के सदमे से उबर नहीं पाया है। पूरे प्रदेश में कांग्रेस नेताओं की सक्रियता नजर नहीं आ रही है। दीपक बैज लगातार सभी जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। राहुल गांधी का न्याय यात्रा भी प्रदेश के तीन लोकससभा सीटों से ही होकर गुजरी, लेकिन उसका कोई खास फर्क देखने को नहीं मिल रहा है। लोकसभा चुनाव को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस गंभीर है। कार्यकर्ताओं को मजबूती से काम करने के लिए निर्देशित भी कर रहे हैं। हमारे पास लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 200 से अधिक आवेदन आया है।
बहरहाल लोकसभा चुनाव जीत के दावे तो दोनों ही राजनीतिक दल कर रहे हैं, लेकिन जनता की मन में क्या है यह तो सिर्फ जनता ही जान सकती है। विधानसभा चुनाव में जनता ने जिस तरह का उलटफेर किया। इससे साबित हो गया है कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन है।










