मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। यहां वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में नगर निगम के कर संग्रहण अमले पर इस कदर दबाव है कि वह कर जमा नहीं करने वालों की भैंसें खोलकर भी ले जा रहे है। यही नहीं प्रतिष्ठानों के बाहर ढोल बजवाने जैसे हथकंडे भी अपनाए जा रहे हैं।
बकायेदारों पर एक-दो हजार रुपये की वसूली भी नहीं छोड़ रहे हैं। सबसे रोचक मामला बकाया राशि न मिलने पर भैंसें जब्त करने का सामने आया है। वार्ड 35 के डलिया वाला मोहल्ला स्थित डेयरी संचालक बालकृष्ण पाल पर जलकर की बकाया राशि 1.29 लाख रुपये थी। इसकी वसूली नहीं हो पा रही थी। इससे परेशान होकर निगम के अमले ने उनकी भैंस ही जब्त कर ली और उसे गोशाला भिजवा दिया।
इस मामले में नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल का कहना है कि हमने वसूली का आंकड़ा बढ़ाने के लिए बड़े बकाएदारों पर फोकस किया है। इसके अलावा अमले को निर्देश दिए गए हैं कि किसी को भी वसूली में बख्शा नहीं जाए।









