हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है यह तो सभी को पता ही होगा लेकिन बढ़ती आधुनिकता के माहौल में हिंदी धीरे-धीरे उपयोग में कम होती जा रही है। इसका बहुत सारा कारण है। आजकल की युवा पीढ़ी में अंग्रेजी और अन्य भाषाओं को विशेष महत्व दिया जाता है, यह समाज की और समय की मांग है। इन सबके बीच अब हिंदी को महत्व देना एक बार फिर से अधिक आवश्यक हो गया है।
अंग्रेजी के साथ हो हिंदी का उपयोग
शिक्षाविद सुलभा पांडे कहती हैं कि आज की युवा पीढ़ी को हिंदी का महत्वपूर्ण बताना बेहद आवश्यक हो गया है। इंग्लिश की आधुनिकता में युवा पीढ़ी हिंदी को भूलती जा रही है। यही कारण है कि आज के युवा में हिंदी के महत्व को समझ पाना मुश्किल हो गया है। बच्चों को पढ़ाने के समय एक बात यह भी महसूस होती है कि अंग्रेजी के अधिक विषय में पढ़ाई होने और हिंदी के एक विषय में पढ़ाई होने के कारण बच्चे अधिकांश हिंदी में पीछे रह जाते हैं, इसके लिए आवश्यक है कि इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी भी प्रैक्टिस में शामिल की जाए।
होनी चाहिए प्रतियोगिताएं
हिंदी के जानकारों की माने तो कुछ प्रतियोगिताएं स्कूली स्तर और कॉलेज स्तर में ऐसी भी की जानी चाहिए जो हिंदी पर आधारित है। हिंदी स्लोगन, प्रतियोगिता, कविताएं, सूक्तियां, निबंध कहानियां, आत्मकथा ऐसी कई चीजें हैं जिनको प्रतियोगिता के रूप में करा कर हम हिंदी के लिए लोगों में रुचि पैदा कर सकते हैं। हिंदी एक बेहद आत्मीय भाषा है इसको बढ़ाने के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर में प्रयास जरूर करना चाहिए।










