रायपुर, 12 मार्च 2026। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सभागार से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से योजना का लाभ लेने की अपील की।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी का अंतरण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज आम नागरिक की मूलभूत जरूरत बन चुकी है और इसके बिना दैनिक जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और एकमुश्त भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले निम्न और मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं तथा कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया गया है। योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे लंबे समय से अंधेरे में रहे गांवों में भी रोशनी पहुंची। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक संकट के कारण कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया राशि बढ़ गई। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इस परेशानी को समझते हुए समाधान योजना लागू की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है और अब तक करीब 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में कार्य करना एक सकारात्मक पहल है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बिजली की बचत करने और घरेलू उपयोग में अनावश्यक बिजली खपत से बचने की अपील की। साथ ही ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर लगाकर और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ा जाए।
गौरतलब है कि योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू और कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिजली देयक जमा करने के लिए अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और आगामी माह में कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और बिजली उपभोक्ता मौजूद रहे।










