शोधकर्ताओं का दावा है कि मनोविकार के इलाज में परिवार की भागीदारी से पीड़ितों के ठीक होने में मदद मिल सकती है। अमेरिका स्थित बोस्टन मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने नवीन अध्ययन में मनोविकार पीड़ितों की देखभाल करने वालों को प्रेरक बातचीत करने का तरीका सीखने पर बल दिया है। इससे मरीज व उनकी देखभाल करने वालों के बीच भावनात्मक तारतम्य स्थापित हो सकता है।
साइंसडायरेक्ट में प्रकाशित अध्ययन निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने कहा है कि जो परिवार मनोविकार के लक्षणों व उपचार को समझते हैं, वे इलाज के अनुपालन में सहायक साबित हो सकते हैं। जैसे-वे मरीज के लिए डाक्टर का अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं, उसे डाक्टर तक ले जा सकते हैं, पर्चियां भर सकते हैं और मरीज के व्यवहार व लक्षणों के बारे में बात कर सकते हैं।
बोस्टन मेडिकल सेंटर के वेलनेस एंड रिकवरी आफ्टर साइकोसिस प्रोग्राम में मनोवैज्ञानिक सेवाओं की निदेशक एमिली आर. क्लाइन के अनुसार, “अध्ययन के निष्कर्षों से यह समझने में मदद मिली है कि मनोविकार पीड़ितों के ठीक होने में पारिवारिक माहौल किस प्रकार मददगार साबित हो सकता है।” मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग फार लव्ड वंस (एमआइएलओ) नामक इस पायल प्रोजेक्ट में मरीज की देखभाल करने वालों को पांच घंटे का मनोवैज्ञानिक शक्षिक प्रशिक्षण दिया गया और उसके परिणामों का आकलन किया गया। पाया गया कि देखभाल करने वालों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों के साथ-साथ मरीजों की मदद करने की क्षमता में भी वृद्धि हुई। इसका लाभ मनोविकार पीड़ितों को भी मिला।










