रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कैंसर केयर को मजबूत करने के साथ स्वस्थ मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस आबादी का स्वस्थ रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
वित्त मंत्री नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer और टाटा मेमोरियल सेंटर की ओर से आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। “Restoring Balance to Cancer Care” थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
ओपी चौधरी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष और छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहा कि यह युवा आबादी भारत की आर्थिक विकास यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा शक्ति का स्वस्थ रहना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अगले 10 से 20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव देखने को मिलेगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि आर्थिक विकास की गति के साथ लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं में समय रहते तैयारी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा देना जरूरी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक उपचार सुविधाओं की उपलब्धता पर लगातार काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैंसर केयर को मरीज-केंद्रित और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों, संस्थानों और शोध के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। करीब 25 से 26 वर्ष पहले रायपुर में एक ही मेडिकल कॉलेज होने के कारण मेडिकल सीट हासिल करना काफी कठिन था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है। आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
ओपी चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार जताया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों का धन्यवाद किया।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कैंसर विशेषज्ञों और चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत करते हुए वित्त मंत्री ने शहर की विशेषताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। शहर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्रों और मनोरंजन सुविधाओं को देखते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ नवा रायपुर को भी देखने और समझने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस तरह के आयोजन चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच उपलब्ध कराते हैं। साथ ही कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में भी ऐसे कॉन्क्लेव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने के साथ उपचार की नई तकनीकों, शुरुआती पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।










