पूर्व PM शरीफ का खुलासा, पाक सेना के पास कारगिल युद्ध में न खाना था न हथियार

कारगिल युद्ध पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने माना कि उस समय पाकिस्तानी फौज के पास न तो हथियार थे और न ही भोजन। पाकिस्तान के पूर्व आर्मी जनरल व पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को निशाने पर लेते हुए कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तानी सेना ने नहीं, बल्कि फौजी जनरलों ने शुरू किया था। इससे दुनियाभर में पाकिस्तान की बेईज्जती हुई थी।

पाकिस्तान के संयुक्त विपक्ष पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की तीसरी रैली को नवाज शरीफ ने लंदन से संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि इस युद्ध में सेना को बिना रसद और हथियार के लड़ने को भेज दिया गया था। जब यह जानकारी उन्हें मिली तो उन्हें बेहद दुख हुआ। नवाज शरीफ ने कहा, ‘कारगिल में हमारे सैकड़ों जाबांजों को शहीद करवाने और दुनियाभर में पाकिस्तान को रूसवां करने का फैसला चंद जरनलों का था। उनलोगों ने सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए फौज को एक ऐसी जगह जंग में झोंक दिया, जिसका कोई फायदा हासिल नहीं होना था।

नवाज शरीफ ने कहा कि वह लम्हा मेरे लिए बहुत तकलीफदेह था। जब मुझे पता चला कि हमारे बहादुर सिपाही दुहाई देते रहे कि दूर चोटियों पर अगर खुराक नहीं है तो कम से कम हथियार तो भिजवाएं। इस युद्ध से हमें क्या हासिल हुआ।’ कारगिल ऑपरेशन के पीछे वहीं किरदार थे, जिन्होंने अपनी काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए 12 अक्टूबर 1990 को बगावत की और सत्ता परिवर्तन किया। परवेज मुशरर्फ और उनके लोग थे, जिन्होंने फौज को बदनाम किया। शरीफ ने मुशर्रफ को बेनजीर भुट्टो की हत्या और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इमरान खान और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) के पास मुशर्रफ के खिलाफ मुकदमा चलाने की हिम्मत नहीं थी।

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