छोटे छोटे सुख कभी कभी बड़ी खुशी दे जाते हैं जिनका हमें अनुमान नहीं होता और यही छोटी छोटी खुशियां जुड़ कर एक बड़ी खुशी में बदल जाती हैं।
जीवन भर मेहनत करते हैं जिससे दो वक्त का खाना अच्छा खा सकें पर क्या उस दो वक्त के खाने के साथ सुकून भी जरूरी नहीं है, है वह भी बहुत जरूरी है क्योंकि खुशी महसूस करने के लिए हमे अपने कुछ समय निकालना चाहिए जिससे हम छोटी खुशियों को जी कर एक बड़ी खुशी महसूस कर सकें, चलो थोड़ा सा जी लें।










