रायपुर, 10 अप्रैल 2026।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार, शोध और नीति निर्माण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से निकले सुझाव आम जनता तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सहायक होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव हैं, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
आयुष्मान भारत से बदली स्थिति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का इलाज मिल रहा है। इससे ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कर्ज या संपत्ति बेचने जैसी समस्याओं से राहत मिली है।
नई बीमारियों की चुनौती और समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे निपटने के लिए जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना जरूरी है। केंद्र सरकार द्वारा आरोग्य मंदिर जैसी पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मेडिसिटी हब से मिलेगा बड़ा लाभ
राजधानी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे मेडिसिटी हब के तहत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, निजी अस्पतालों के विस्तार से भी चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ रही है।
आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा वन क्षेत्र औषधीय पौधों से समृद्ध है। आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़कर एक सशक्त स्वास्थ्य मॉडल तैयार किया जा सकता है।
सुकमा में शुरू होगी विशेष स्वास्थ्य योजना
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि 13 अप्रैल से सुकमा जिले में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना की शुरुआत होगी। इसके तहत लगभग 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण किया जाएगा।
तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम की शुरुआत के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और प्रभावी होंगी।
जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नक्सल समस्या समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास करेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया।
अंत में मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह सम्मेलन प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का आधार बनेगा।










