Google Analytics Meta Pixel आपको भी नहीं पता है अपने पितरों की तिथि तो जानिए क्या है इसका समाधान - Ekhabri.com

आपको भी नहीं पता है अपने पितरों की तिथि तो जानिए क्या है इसका समाधान

रायपुर: पितृपक्ष अपने पूर्वजों के प्रति अपनी आस्था को समर्पित करने का पर्व माना जाता है. जहां तर्पण और पिंडदान दिया जाता है. शास्त्रों में कहते हैं कि इस समय किया गया तर्पण पितरों को तृप्त करता है, लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें उनके पितरों की तिथियों के बारे में नहीं पता. उन्हें नहीं ज्ञात है कि उनके माता-पिता की मृत्यु किस तिथि पर हुई है और उन्हें पिंडदान किस तिथि पर करना चाहिए. कई बार ये जानकारी ना होना उनको कन्फ्यूजन की स्थिति में डालता है, जिससे वे पितृ दोष के भागी बनते हैं, लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको बताएंगे कि जानकारी न होने पर भी किस तिथि पर पिंडदान कर सकते हैं और पिंडदान, तर्पण आपके पूर्वजों को कैसे मिलेगा?

दरअसल, पितृ पक्ष में अपनों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है, लेकिन बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिन्हें अपनों की तिथि नहीं पता है. न ही उन्हें ये जानकारी है कि वह कब उनका तर्पण और पिंडदान कर सकते हैं? शास्त्रों में कहा जाता है कि बिना तिथि के किए गए पिंडदान का फल नहीं मिलता. यही नहीं, यदि शास्त्र के नियमों को जानें बिना पितृपक्ष का श्राद्ध कर्म किया जाए तो वह तर्पण, तर्पण शास्त्र सम्मत नहीं होता. ऐसे में क्या तिथियां होंगी, उनके लिए क्या नियम होने चाहिए.

 

तिथि नहीं मालूम, तो कब और किस दिन पिंडदान: श्राद्ध को किसी क्रिया से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, बल्कि ये एक श्रद्धा होती है. इसीलिए इसको श्राद्ध कहते हैं. कहा जाता है कि इस समय हम अपनी श्रद्धा के साथ अपने पूर्वजों को याद करते हैं, उनके प्रति अपने कृतज्ञ को व्यक्त करते हैं.

Read Also  एम्स के द्वितीय दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु...509 छात्रों को दी जाएंगी उपाधि

 

इस कारण 15 दिन पितृ सीधे पृथ्वी पर आते: धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि पितृ कहां रहते हैं, जो उन्हें इस समय ही याद करते हैं? वो कहते हैं कि चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव पर पितरों का वास निवास स्थान बताया गया है. जब कन्या राशि के सूर्य होते हैं, तब चंद्रमा पृथ्वी की तरफ झुक कर निकट आ जाता है, जिससे वहां का संबंध पृथ्वीवासी से सीधे जुड़ जाता है.ऐसे में 15 दिन पितृ सीधे पृथ्वी पर आते हैं और वह घर-घर जाकर उस स्थान को देखते हैं, जहां वह रहे हैं. जहां वह पले-बढ़े हैं और अपने वंश को देखते हैं. वो समझते हैं कि उनके प्रति उनकी क्या भावना है और जब ये उनका पालन नहीं होता तो वह कष्ट का अनुभव करते हुए लौट जाते हैं. ऐसे में धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों के निवृत श्रद्धा अर्पित करते हुए पितृपक्ष में उन्हें तर्पण जरूर करना चाहिए.

 

इस दिन माता-पिता का करते श्राद्ध: इसके लिए सबसे पहले जिन्हें तिथियां ज्ञात हैं, उन्हें तिथि पर ही तर्पण करना चाहिए. लेकिन जिनको तिथियां ज्ञात नहीं हैं. उनके लिए भी धर्मशास्त्र में नियम बताए गए हैं. सबसे पहले माता और पिता की तिथियां जानते हैं. उन्होंने बताया कि, किसी की माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो और उन्हें तिथि की जानकारी नहीं है तो लोग उनका श्राद्ध मातृ नवमी के दिन कर सकते हैं. इस बार मातृ नवमी 4 अक्टूबर को पड़ रही है, जहां व्यक्ति तर्पण, पिंडदान करने के साथ ब्राह्मणों को भी दान कर सकता है.

वहीं यदि किसी व्यक्ति के पिता की मौत हो गई है और उन्हें तिथि का ज्ञान नहीं है तो वह अमावस्या यानी कि 10 अक्टूबर को उनका श्राद्ध कर्म कर सकते हैं. उन्हें अन्य तिथियों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है.

Read Also  पति की मौत सुनकर पत्नी ने दे दी जान, अंतिम संस्कार के बाद जिंदा मिला शख्स

 

अकाल मृत्यु पर इन तिथियों पर करें पिंडदान: पंडित पवन त्रिपाठी कहते है कि यदि किसी भी तिथि पर हुई आत्महत्या, किसी हथियार, ज़हर देकर हुई मौत यानी कि अकाल मृत्यु है तो उनका श्राद्ध चतुर्दशी पर किया जाता है. इस बार चतुर्दशी 9 अक्टूबर को पड़ेगी. वहीं यदि कोई सामान्य मृत्यु हुई है, तो ऐसे लोगों का पिंडदान द्वादशी तिथि को किया जाता है और इस बार द्वादशी तिथि 7 अक्टूबर को पड़ेगी. उन्होंने बताया कि यदि चतुर्दशी तिथि पर किसी व्यक्ति की सामान्य मृत्यु हुई है तो उसका भी पिंडदान द्वादशी तिथि पर ही किया जाएगा.

 

 

इस दिन करें संन्यासियों का पिंडदान

साधु, संन्यासियों का पिंडदान द्वादशी पर 7 अक्टूबर को ही किया जाएगा. उन्होंने बताया कि आमतौर पर जो संन्यासी होते हैं, वह अपना पिंडदान पहले ही कर चुके होते हैं, लेकिन फिर भी द्वादशी और अमावस्या के दिन उनका पिंडदान किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध कर्म का दिन तय किया गया है और शास्त्रीय नियमों के अनुसार ही पितृपक्ष में श्राद्ध तर्पण करना चाहिए.

 

 

ऐसे करें तर्पण: ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि जो लोग पहली बार पितृपक्ष में श्राद्ध या तर्पण कर रहे हैं, उन्हें कुछ बातें नहीं मालूम होती हैं, तो उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है. व्यक्ति अपने श्रद्धा कृतज्ञता के साथ सबसे पहले अपने पूर्वजों को तर्पण दें. इसके लिए प्रातः काल स्नान करके हाथ में कुशा पहनकर पानी में तिल डालकर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने हाथ की तर्जनी और अंगूठा ऊंगली के जरिए, स्वधा कहने के साथ अपने पूर्वजों का नाम लेकर जल दिया जाता है. इसके उपरांत उन्हें भोजन निकाला जाता है. उन्होंने कहा कि इस समय तामसिक प्रवृत्ति का भोजन नहीं करना चाहिए, इसके साथ ही दाढ़ी, बाल नहीं बनवाना चाहिए.

Read Also  मुख्यमंत्री ने 625 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

 

 

ऐसे करें अपने पितृ को प्रसन्न: पंडित पवन त्रिपाठी ने बताया कि इसके साथ ही यदि अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहें तो आप अपने घर के बाउंड्री वॉल पर तिल जरूर छिड़क सकते हैं. साथ ही निकले भोजन में भी तिल जरूर रखना चाहिए. इसके साथ ही अपने घर के दरवाजे पर प्रत्येक दिन एक बत्ती में तिल का तेल डालकर दीप जरूर जलाना चाहिए. इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है. कहते हैं कि पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को दान का भी विशेष विधान है और ब्राह्मणों से पिंडदान का कार्य कराना चाहिए और दान देना बेहद महत्वपूर्ण है.

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ BJP को मिला नया प्रभारी, स्मृति ईरानी संभालेंगी संगठन की कमान

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसी क्रम में स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि सिद्धार्थ शंभू...

एशियन गेम्स में छाईं संजू देवी, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया देशभर में गौरव

By User 6 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 26 सितंबर 2026। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की संजू देवी ने...

रायगढ़ जिले में बस और ट्रक में भीषण टक्कर, कई यात्री हुए घायल

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार को भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है, इस दुर्घटना में पूर्णागिरि बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार करीब 10 से 12...

भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री ने की राज्य के नागरिकों से अपील 

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में बारिश...

पवन साय को झारखंड में नई जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई  

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पवन साय को झारखंड में प्रदेश महामंत्री (संगठन) का दायित्व मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पवन साय के नए दायित्व को लेकर विश्वास जताया कि उनके संगठनात्मक अनुभव से झारखंड...

चंदनीडीह में NDRF का बड़ा रेस्क्यू अभियान, 198 लोगों को सुरक्षित निकाला  

By Reporter 5 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर। बाढ़ प्रभावित ग्राम चंदनीडीह और श्रीलंका पारा में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर NDRF की रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी...

पितृ में ना करें पूर्वजों की अनदेखी, तिथियों के अनुसार करें पितृ की पूजा

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
पितृ पक्ष आने वाला है। घरों में एक बार फिर पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण की तैयारियां शुरू होंगी। हिंदू धर्म में इन दिनों को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा जताने का समय माना गया है। परिवार में जिन लोगों...

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर इतना परेशान हुआ युवक की खुद को उतारा मौत के घाट

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
कवर्धा। कवर्धा से बड़ी खबर सामने आई है, जहां लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक अहम मुद्दा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, एक युवक ने धर्म परिवर्तन कर शादी करने के कथित दबाव और मानसिक प्रताड़ना के बाद आत्महत्या कर...

अब इन चीजों की पैकेजिंग में यह भी बताया जरूरी होगा कि इसमें शाकाहारी सामग्री उपयोग हुई है कि मांसाहारी 

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज की पैकेजिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। अब इन उत्पादों के पैकेट पर यह बताना जरूरी होगा कि उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री शाकाहारी है या...

भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, स्कूल रहेंगे बंद

By User 6 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शनिवार, 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *