Google Analytics Meta Pixel मोदी और भाजपा के दांव - Ekhabri.com

मोदी और भाजपा के दांव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा जिस तरह ताबड़तोड़ निर्णय लिए जा रहे हैं और गठबंधन बनाए जा रहे हैं, वह चौंकाने वाले हैं। ऐसा लगता है कि हर राज्य के हिसाब से रणनीति बनाई गई है। हरियाणा में जेजेपी की शर्त पूरा नहीं होने पर जेजेपी-बीजेपी का गठबंधन टूटा तो बिना देर किए तत्काल मुख्यमंत्री बदल दिया गया। चट मंगनी और पट ब्याह की तर्ज पर मनोहर लाल खट्टर ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया तो विधायक दल की बैठक कर नायब सिंह सैनी नेता चुन लिया गया। अब सैनी हरियाणा के नए मुख्यमंत्री बन गए। इस कवायद में मोदी का 400 पार का नारा के साथ दीर्घकालिक रणनीति दिख रही है।

 

 

 

भाजपा उन दलों को अपने साथ जोड़ रही है जो पहले से ही पतनशील हैं और सौदेबाजी में कमजोर पड़ते हैं, जिनके पतन को और तेज किया जा सकता है और भाजपा उनकी जगह पर काबिज हो सकती है। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने असम में 2016 में असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के साथ गठबंधन करके चुनाव जीता और बाद में बीपीएफ का पत्ता काट कर दूसरी जनजातीय पार्टी, प्रमोद बोरो के नेतृत्व वाली यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपी-एल) को साथी बना लिया। 2022 में, काफी कमजोर हो चुकी बीपीएफ इस गठबंधन में वापस आई, जबकि एजीपी भी अपने मूल स्वरूप की छाया भर रह गई है। ऐसा ही बिहार में भी हुआ। भाजपा ने नीतीश कुमार को कमजोर करने के लिए चिराग पासवान का इस्तेमाल किया। विधानसभा चुनाव में चिराग ने खुद को मोदी जी का हनुमान बताते हुए जद-यू के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े कर दिए थे और जब भाजपा जद-यू के सांसदों को तोड़ने में लगी थी तो नीतीश के पास फिर से दलबदल करके वापस लौटने के सिवाय कोई उपाय नहीं रह गया था। गठबंधन का यही खेल आंध्र प्रदेश और हरियाणा में भी चल रहा है आंध्र में, कमजोर हो चुकी टीडीपी 2029 में परिवार की तीसरी पीढ़ी के नेतृत्व में और ज्यादा कमजोर ही पड़ने वाली है। हरियाणा में दुष्यंत चौटाला की जेजेपी लगभग खत्म ही हो चुकी है। महाराष्ट्र में भी, पुरानी सहयोगी शिवसेना दो टुकड़े हो चुके हैं जबकि नए सहयोगी, एनसीपी से टूटे घटक का भाजपा के बिना कोई भविष्य नहीं है।

Read Also  सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, बंदूक़ समेत भारी मात्रा मे विस्फोटक सामग्री बरामद

 

 

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस गति से यात्राएं, उद्घाटन और शिलान्यास करते हैं और दूरदराज की जगहों में भाषण देते घूम रहे हैं, उससे यही संकेत मिलता है कि वह भाजपा 370 और एनडीए 400 पार के संकल्प का लक्ष्य को चिड़िया की आँख की ओर देखकर काम कर रहे हैं। मोदी आज कहां-कहां और किस तरह प्रचार कर रहे हैं और क्या कुछ कह रहे हैं? उदाहरण के लिए वे तमिलनाडु और केरल को कितना समय और कितनी ऊर्जा दे रहे हैं? यह देखकर डीएमके के नेता भी अनौपचारिक बातचीत में कबूल कर रहे हैं कि भाजपा अपने बूते भले कोई सीट न जीते मगर उसका वोट प्रतिशत काफी बढ़ सकता है। कुछ लोग तो उसे 15-17 प्रतिशत वोट मिलने की बातें भी कर रहे हैं।

 

 

 

मोदी तमिलनाडु में जो अभियान चला रहे हैं, उसे 2029 के लिए तैयारी के रूप में देखा जा सकता है। केरल मोदी के लिए दूसरा अवसर प्रस्तुत कर रहा है। भाजपा वहां के ईसाई समुदाय की ओर किस तरह लगातार हाथ बढ़ा रही है। इस समुदाय का सुनिश्चित वोट कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ की राजनीति का आधार है। यूडीएफ के दूसरे वोटबैंक- मुस्लिम और ईसाई समुदाय के बीच पुराने संदेह कायम हैं। कुछ ईसाई वोट भाजपा की ओर गए तो मुस्लिम वोट वाम दलों की ओर मुड़ सकते हैं, क्योंकि वे कांग्रेस और यूडीएफ को कमजोर होते देख रहे हैं। तब भाजपा के लिए काफी जगह बन जाएगी। इसी उम्मीद में मोदी वहां अभियान चला रहे हैं और उन नेताओं को अपने साथ ले रहे हैं, जिनके कांग्रेस में होने की उम्मीद की जाती थी। मसलन, कांग्रेस के दो पूर्व सीएम एके एंटनी और के. करुणाकरन की संतानें।

Read Also  पति होना चाहता था अमर, महिला ने जिंदा दफनाया

 

 

हिंदुत्व व राष्ट्रवाद की जमीन और मजबूत होने के बीच भाजपा वोट प्रतिशत और सीटें बढ़ाने के लिए एक-एक कर पुराने सहयोगियों को साध रही है। राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 का खात्मा, तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने, संसद व विधानसभाओं में महिलाओं की 33 फीसदी हिस्सेदारी के बाद अब नागरिकता संशोधन कानून लागू करने की तैयारी है। उत्तराखंड से इसकी शुरुआत हो गई है। विपक्ष की आरक्षण, जाति गणना की पुरानी लीक वाली सामाजिक न्याय की राजनीति के समानांतर प्रधानमंत्री मोदी ने नई सामाजिक न्याय की अवधारणा पेश करते हुए गरीब, युवा, महिला और किसान को चार जातियां बताया था।

 

 

 

तीसरी बार मोदी सरकार, अबकी बार चार सौ पार…भाजपा के गढ़े ये नारे पार्टी की दूरगामी रणनीति की ओर इशारा करते हैं। इस नारे ने लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक के प्रति मजबूत अवधारणा बनाने का काम किया है। इन नारों ने चुनावी बहस को एनडीए की हार-जीत से परे, गठबंधन को तीसरी और बीते दो चुनाव से बड़ी जीत हासिल करने का माहौल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाकर विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है। इस बार भी एक तरफ अब तक अजेय ब्रांड मोदी है, तो दूसरी ओर एकसाथ आने की कोशिश में लगातार बिखरता विपक्ष है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ BJP को मिला नया प्रभारी, स्मृति ईरानी संभालेंगी संगठन की कमान

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसी क्रम में स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि सिद्धार्थ शंभू...

एशियन गेम्स में छाईं संजू देवी, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया देशभर में गौरव

By User 6 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 26 सितंबर 2026। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की संजू देवी ने...

रायगढ़ जिले में बस और ट्रक में भीषण टक्कर, कई यात्री हुए घायल

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार को भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है, इस दुर्घटना में पूर्णागिरि बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार करीब 10 से 12...

भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री ने की राज्य के नागरिकों से अपील 

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में बारिश...

पवन साय को झारखंड में नई जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई  

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पवन साय को झारखंड में प्रदेश महामंत्री (संगठन) का दायित्व मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पवन साय के नए दायित्व को लेकर विश्वास जताया कि उनके संगठनात्मक अनुभव से झारखंड...

पितृ में ना करें पूर्वजों की अनदेखी, तिथियों के अनुसार करें पितृ की पूजा

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
पितृ पक्ष आने वाला है। घरों में एक बार फिर पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण की तैयारियां शुरू होंगी। हिंदू धर्म में इन दिनों को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा जताने का समय माना गया है। परिवार में जिन लोगों...

चंदनीडीह में NDRF का बड़ा रेस्क्यू अभियान, 198 लोगों को सुरक्षित निकाला  

By Reporter 5 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर। बाढ़ प्रभावित ग्राम चंदनीडीह और श्रीलंका पारा में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर NDRF की रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी...

अब इन चीजों की पैकेजिंग में यह भी बताया जरूरी होगा कि इसमें शाकाहारी सामग्री उपयोग हुई है कि मांसाहारी 

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज की पैकेजिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। अब इन उत्पादों के पैकेट पर यह बताना जरूरी होगा कि उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री शाकाहारी है या...

भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, स्कूल रहेंगे बंद

By User 6 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शनिवार, 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने...

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर इतना परेशान हुआ युवक की खुद को उतारा मौत के घाट

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
कवर्धा। कवर्धा से बड़ी खबर सामने आई है, जहां लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक अहम मुद्दा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, एक युवक ने धर्म परिवर्तन कर शादी करने के कथित दबाव और मानसिक प्रताड़ना के बाद आत्महत्या कर...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *