लोगों को प्याज की महंगाई न रुलाने लग जाए, इसके लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है। सरकार प्याज के सुरक्षित भंडार को बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत लाखों टन प्याज की खरीदारी होने वाली है।
सरकार इस साल 5 लाख टन प्याज खरीदने की योजना बना रही है, ताकि बफर स्टॉक को मजबूत किया जा सके। सरकार प्याज की कीमतों को काबू में रखने के लिए बफर स्टॉक तैयार करती है। इसके लिए सीजन के दौरान किसानों से प्याज खरीदकर स्टॉक किया जाता है। जब कीमतें बढ़ने लगती है, तब सरकार सुरक्षित भंडार से प्याज की खेप बाजार में सप्लाई करती है, जिससे कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के हवाले से कहा गया कि सरकार 5 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने की तैयारी है। पिछले साल भी सरकार ने 5 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया था, जो बीते महीनों के दौरान कीमतों को काबू में रखने में मददगार साबित हुआ था। पिछले साल बनाए गए बफर स्टॉक में अभी 1 लाख टन प्याज बचा है।
सरकार की ओर से इस बार भी एनसीसीएफ और नाफेड जैसी एजेंसियां प्याज की खरीदारी करेंगी। पिछले साल भी दोनों एजेंसियों ने प्याज की खरीदारी की थी और उसका बफर स्टॉक तैयार किया था। प्याज की कीमतें जब आसमान छूने लग गई थीं, दोनों एजेंसियों ने सब्सिडाइज्ड रेट पर प्याज की बिक्री की थी। उसके लिए एजेंसियों ने दर्जनों शहरों में कई जगहों पर बिक्री केंद्र बनाया था और ओएनडीसी के माध्यम से ऑनलाइन भी उपलब्धता सुनिश्चित की थी।










