रायपुर, 4 जुलाई 2025/ देश में जीएसटी राजस्व संग्रहण को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की अहम बैठक दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य के अनुभव साझा करते हुए बोगस पंजीयन, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और कर अपवंचन रोकने हेतु कई ठोस सुझाव दिए।
बैठक की अध्यक्षता गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने की। ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का उपयोग कर कर अपवंचन पर प्रभावी रोकथाम की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजीकरण प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम बनाते हुए केंद्रीयकृत डिजिटल तंत्र विकसित किया जाए।
बैठक में बीफा, जीएसटी प्राइम और ई-वे बिल पोर्टल जैसी तकनीकों के प्रस्तुतिकरण भी हुए। चौधरी ने इन नवाचारों को देशभर में लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे बोगस व्यवसायियों की पहचान और कार्रवाई तेज होगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णयों ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं, जिससे राज्य का जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
वित्त मंत्री ने आशा व्यक्त की कि मंत्रियों के समूह द्वारा दिए गए सुझावों को जल्द ही जीएसटी परिषद लागू करेगी, जिससे कर प्रणाली और राजस्व संग्रहण में स्थायित्व व वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।










