कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में पंजाबी कारोबारियों और स्थानीय व्यवसायियों को निशाना बनाकर मांगी जा रही रंगदारी के मामलों ने हड़कंप मचा दिया है। हाल के महीनों में जबरन वसूली और इससे जुड़ी हिंसा की घटनाओं में आए उछाल को देखते हुए सरे पुलिस ने एक विशेष कदम उठाया है। पुलिस ने पंजाबी समुदाय की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से पंजाबी भाषा में एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों द्वारा रंगदारी के लिए चिट्ठी, फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज और सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है, जिसकी जांच के लिए कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
इस अपराध पर लगाम लगाने के लिए ‘सिटी ऑफ सरे’ ने एक बहुत बड़ा फंड जारी किया है। प्रशासन ने महत्वपूर्ण जानकारी देने वालों के लिए 2.5 लाख डॉलर यानी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित किया है। पुलिस के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति ऐसी पुख्ता जानकारी देता है जिससे दोषियों को सजा मिल सके, तो उसे 1 लाख डॉलर तक का इनाम दिया जा सकता है। इसे कनाडा के इतिहास में पुलिस द्वारा दिए जाने वाले सबसे बड़े इनामों में से एक माना जा रहा है। इसके साथ ही सरे पुलिस सर्विसेज ने एक विशेष हेल्पलाइन ‘सरे एक्सटॉर्शन टिप लाइन’ (236-485-5149) भी शुरू की है, जिस पर सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सूचना दी जा सकती है।
सरे पुलिस ने रंगदारी के मामलों की तह तक जाने के लिए 15 अधिकारियों और सिविल कर्मचारियों की एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टीम में कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी सहित अन्य जांच एजेंसियों के अफसरों को भी शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट एश्योरेंस’ नाम से एक पेट्रोलिंग टीम भी बनाई है, जो रोजाना उन इलाकों में गश्त करती है जिन्हें अपराधी अक्सर निशाना बनाते हैं। खुफिया जानकारी साझा करने के लिए सरे पुलिस ने एडमोंटन और पील रीजन जैसे अन्य शहरों के अधिकारियों के साथ भी बैठकें की हैं ताकि अंतर-प्रांतीय स्तर पर चल रहे इन अपराधों को रोका जा सके।
पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि उन्हें किसी भी माध्यम से रंगदारी की धमकी मिलती है, तो वे डरे नहीं और न ही अपराधियों को कोई पैसा दें। पीड़ितों को सलाह दी गई है कि वे अपराधियों से किसी भी तरह की बातचीत न करें और प्राप्त हुए सभी मैसेज, वॉइसमेल या पत्रों को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखें। धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस के नंबर 604-599-0502 पर संपर्क करें या आपात स्थिति में 9-1-1 डायल करें। इसके अलावा मदद के लिए ‘विक्टिम सर्विसेज’ से भी संपर्क किया जा सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने सुरक्षा कैमरों को ‘प्रोजेक्ट आइरिस’ में रजिस्टर कराएं ताकि जांच में वीडियो फुटेज की मदद मिल सके।
कनाडा में लगातार बढ़ रही हिंसा और रंगदारी के मामलों ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। इन घटनाओं में कथित तौर पर भारतीय मूल के गैंगस्टरों और अलगाववादी तत्वों के नाम सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कनाडा की संसद से लेकर सड़कों तक इन गैंगस्टरों को वापस उनके देश डिपोर्ट करने की मांग तेज हो गई है। पुलिस भी इनपुट खंगाल रही है कि क्या इन धमकियों के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय किसी गिरोह से जुड़े हैं।










