युवा दिवस पर विशेष, पॉजिटिविटी से मिलेगी सक्सेस

जीवन में हर परिस्थिति हमारे अनुकूल नहीं होती। ऐसे में स्वामी विवेकानंद की कहीं हुई
चंद बाते सच लगती हैं, “जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते”

स्वामी विवेकानंद के अध्यात्म से प्राप्त ज्ञानमय विचार प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमय एवं प्रेरित करते हैं। स्वामी विवेकानंद कर्म पर भरोसा रखने वाले ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने अध्यात्मिक एवं धार्मिक ज्ञान के आधार पर संसार को प्रेरणा दी। आइए जानतेे

हैैं विवेकानंद के कुछ पॉजिटिव थॉट्स जो आज की लाइफस्टाइल में  यूथ और हर वर्ग के लोगों अपने लक्ष्य को पाने में मदद करते हैं, वो भी पॉजिटिविटी के साथ।
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर ऐसे अनमोल विचार, जो हमारे जीवन की दिशा को बदल सकते हैं –

– यह कभी मत कहो कि ‘मैं नहीं कर सकता’, क्योंकि आप अनंत हैं। आप कुछ भी कर सकते हैं।

– उठो, जागो और लक्ष्य पूरा होने तक मत रुको।

– एक रास्ता खोजो। उस पर विचार करो। उस विचार को अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो। उसका सपना देखो, उस विचार पर जियो। मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, आपके शरीर के प्रत्येक भाग को उस विचार से भर दो। और किसी अन्य विचार को जगह मत दो। सफलता का यही रास्ता है।

– आप जोखिम लेने से भयभीत न हो, यदि आप जीतते हैं, तो आप नेतृत्व करते है, और यदि हारते है , तो आप दुसरो का मार्दर्शन कर सकते हैं।

– यही आप खुद को कमजोर समझते है तो यह सबसे बड़ा पाप है।

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– शक्ति जीवन है तो निर्बलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है तो संकुचन मृत्यु है। प्रेम जीवन है तो द्वेष मृत्यु है।

– अपने इरादों को मज़बूत रखो। लोग जो कहेंगे उन्हें कहने दो। एक दिन वही लोग तुम्हारा गुणगान करेंगे।

– अपने आप को विस्तार आपको अपने अंदर से करना होगा। तुम्हें कोई नहीं सिखा सकता, कोई तुम्हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता। कोई दूसरा शिक्षक नहीं है बल्कि आपकी अपनी आत्मा है।

– यदि हम ईश्वर को अपने हृदय में और प्रत्येक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते, तो हम खोजने कहां जा सकते हैं।

– जो किस्मत पर भरोसा करते हैं वो कायर हैं, जो अपनी किस्मत खुद बनाते हैं वो मज़बूत हैं।

– दुनिया एक महान व्यायामशाला है जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं। – स्वामी विवेकानंद

– जिस क्षण से मैंने प्रत्येक मानव शरीर के मंदिर में भगवान को बैठे हुए महसूस किया है, उस क्षण से मैं प्रत्येक मनुष्य के सामने श्रद्धा से खड़ा हूं और उसमें भगवान को देख रहा हूं – उस क्षण मैं बंधन से मुक्त हो जाता हूं, वह सब कुछ जो गायब हो जाता है, और मैं मुक्त हूं।

– हम जैसा सोचते हैं बाहर की दुनिया बिलकुल वैसी ही है, हमारे विचार ही चीजों को सुंदर और बदसूरत बनाते हैं। सम्पूर्ण संसार हमारे अंदर समाया हुआ है, बस जरूरत है तो चीजों को सही रोशनी में रखकर देखने की.

– ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर हैं। यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा कि अंधेरा है।

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