भारत ने आज 18 दिसंबर दिन शनिवार को अग्नि प्राइम( AGNI P) मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है। इस बेहतरीन मिसाइल की मारक क्षमता 1000 से 2000 किलोमीटर के बीच है। यानि यह मिसाइल से पाकिस्तान के साथ-साथ चीन भी भारत के निशाने पर बड़ी आसानी से आ सकते हैं। इसके साथ ही भारत को दुश्मनों का सफाया करने के लिए एक और बेहतरीन हथियार मिल गया। इससे सेना की मारक क्षमता बढ़ी है।
इससे पहले बीते दिनों भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के वायु संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। उससे कुछ समय पहले ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एंटी-शिप वर्जन का सफल परीक्षण किया था।
क्या है अग्नि प्राइम मिसाइल के फीचर्स
• अग्नि प्राइम मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के बालासोर से किया गया है। यह अग्नि सीरीज की नई जेनरेशन वाली एडवांस मिसाइल है। • अग्नि-पी बैलिस्टिक मिसाइल की अग्नि सीरीज की छठी मिसाइल है। • यह मिसाइल सतह से सतह पर मार करने वाली है। • इस परमाणु सक्षम मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानि डीआरडीओ ने डिजाइन और विकसित किया है। • अग्नि प्राइम को कंटेनर में रखा जा सकता है।
इस परीक्षण के दौरान परमाणु सक्षम सामरिक मिसाइल अग्नि प्राइम में कई नए फीचर जोड़े गए हैं। सेना ने कहा कि मिसाइल परीक्षण ने उच्च स्तर की सटीकता के साथ अपने सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। अग्नि प्राइम अल्ट्रा मॉर्डन टेक्निक से लैस होने की वजह से बहुत कम वजन वाली मिसाइल है।
अग्नि सीरीज मिसाइल और इनकी रेंज
अग्नि-1: इसमें एसएलवी-3 बूस्टर का प्रयोग किया गया है इसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर है. इसमें लिक्विड फ्यूल भरा जाता है. 28 मार्च 2010 में इसका पहला परीक्षण हुआ था. यह मिसाइल अपने साथ परमाणु सामग्री ले जाने में सक्षम है.
अग्नि 2: परमाणु क्षमता वाली इस मिसाइल की रेंज 3000 किलोमीटर है. यह अपने साथ 1000 किलो सामग्री तक ले जाने में सक्षम है.
अग्नि 3: अग्नि 3 की मारक क्षमता 3000 किलोमीटर तक है. हालांकि इसे 4000 किलोमीटर तक भी बढ़ाया जा सकता है. इसे 600 से 1800 किलो तक परमाणु सामग्री से लैस किया जा सकता है.
अग्नि 4: 4000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखने वाली इस मिसाइल की जद में पूरा पाकिस्तान और आधे से ज्यादा चीन आ सकता है. यह भी परमाणु क्षमता वाली मिसाइल है.
अग्नि 5: अप्रैल 2012 को अग्नि 5 का पहला परीक्षण किया गया था. इस मिसाइल के साथ ही भारतीय सेनाएं पूरे चीन को निशाना बना सकने में सक्षम हो गई थीं. इसकी रेंज 5500 किलोमीटर है, जिसे 7000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है.
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