रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह ।
अपने लिए तो सभी जीते हैं लेकिन की क्या कोई फूलों के जैसे भी दिल का होता है जो दूसरों की सुंदरता बढ़ाने खुद बिखरने को तैयार रहते हैं।
क्यों न हम भी दिल को थोड़ा बड़ा करें और अपने जीवन का कुछ पल लोगों की खुशी के लिए अलग निकल दें। देखिए कितना सुकून मिलेगा जब आपके कारण कोई दूसरा मुस्कुराएगा।









