दिल्ली। अमेरिका के कनेक्टिकट में जिस तंबाकू के खेत में कभी मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने 1940 के दशक में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान काम किया था, उसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व देखते हुए खेत को संरक्षित करने का फैसला किया गया है।
क्या है पूरा मामला
पिछले महीने 288 एकड़ के भूभाग की बिक्री को अंतिम रूप दिया गया। शुक्रवार को इसकी घोषणा की गई। गैर लाभकारी ‘ट्रस्ट फॉर पब्लिक लैंड’ और सिम्सबरी शहर ने 16 अक्टूबर को इसके उद्घाटन समारोह की योजना बनायी है।
2 एकड़ जमीन का ऐतिहासिक संरक्षण लगभग 130 एकड़ भूमि को लोगों के मनोरंजन के लिए रखा जाएगा और लगभग 120 एकड़ जमीन कृषि के लिए अलग रखी जाएगी। शेष को सिम्सबरी शहर की भविष्य की जरूरतों के हिसाब से सहेजा जाएगा, जबकि संपत्ति के इतिहास को बताने के लिए दो एकड़ जमीन को ऐतिहासिक संरक्षण उद्देश्यों के लिए रखा जाएगा।
कनेक्टिकट के कृषि विभाग के आयुक्त ब्रायन पी हर्लबर्ट ने एक बयान में कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक स्थल की स्थायी सुरक्षा स्थानीय, राज्य और संघीय स्तर पर भागीदारों के बीच सहयोग का एक परिणाम है। हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कनेक्टिकट की कृषि एवं सांस्कृतिक विरासत का आधार बना रहे।’’
कौन थे मार्टिन लूथर किंग
इतिहासकारों का मानना है कि कनेक्टिकट में किंग के अनुभवों ने नागरिक अधिकार नेता बनने के उनके निर्णय को प्रभावित किया। मार्टिन लूथर किंग जूनियर अमेरिका में अश्वेत नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख नेता थे। वह अटलांटा के मोरहाउस कॉलेज के छात्रों के उस समूह में शामिल थे, जो कनेक्टिकट में तंबाकू उत्पादकों के खेतों में काम करने के लिए भर्ती हुए थे ताकि वे ट्यूशन के लिए धन जुटा सकें।
जून 1944 में किंग ने अपने पिता को लिखा, ‘‘यहां हमने कुछ ऐसी चीजें देखीं जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘वाशिंगटन से जैसे हम दूर आए हमारे साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ। यहां के श्वेत लोग बहुत अच्छे हैं। हम जहां चाहते हैं वहां जाते हैं और जहां चाहें बैठ जाते हैं।’’
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