रोटी खाने से अधिक समय रोटी बनाने में लगता है और रोटी बनाने से अधिक समय रोटी कमाने में लगता है!
इसलिए रोटी खुश हो कर खायें
धन्यवाद जरूर करे, कमाने वाले का भी बनाने वाले का भी और उगाने वाले का भी।
आज के समय में वो बहुत भाग्यवान है जिन्हे पेट भर खाना नसीब हो रहा है। जो पानी पसंद का खाना खा रहा है। हम कई बार ना पसंद होने पर खाना छोड़ देते हैं यह नहीं सोचते की अनाज की इस एक बूंद के लिए कितने लोगो की मेहनत लगी है। इस लिए को मिल रहा है उसे खुश हो कर ग्रहण करिए।










