सावन में आने वाले हर सोमवार का दिन अधिक महत्वपूर्ण होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस खास अवसर पर भगवन शिव और मां पार्वती की साधना करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है।

इस बार सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का महासंयोग बन रहा है, तो आइए आपको बताते हैं सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त और उपाय समेत आदि जानकारी के बारे में।
चार पहर की पूजा का समय
प्रथम प्रहर – शाम 06 बजकर 57 मिनट से 09 बजकर 44 मिनट तक
द्वितीय प्रहर- रात 09 बजकर 44 मिनटसे 12 बजकर 31 मिनट तक
तृतीय प्रहर- रात 12 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर- रात 03 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक
निशिता काल पूजा समय- रात 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक
सावनसोमवार के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 36 मिनट से 05 बजकर 20 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 57 मिनट से 07 बजकर 19 मिनट तक
अमृत काल- रात 09 बजकर 29 मिनट 10 बजकर 55 मिनट तक
कौन सा है शुभ रंग
सावन सोमवार के लिए सफेद और हरा रंग शुभ माना जाता है। सफेद रंग के कपड़े धारण करने से मन को शांति प्राप्त होती है और हरा रंग शांति, समृद्धि और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए उत्तम माना जाता है।
इन 7 सिद्ध मंत्रों का जप जरूर करें:
शिव मूल मंत्र (ॐ नमः शिवाय):
यह भोलेनाथ का सबसे सरल, लेकिन बेहद शक्तिशाली और पसंदीदा मंत्र है। इसका जप करने से मन की उलझनें दूर होती हैं, तनाव घटता है और आपके आस-पास एक पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है।
महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्…):
सावन के सोमवार को इस चमत्कारी मंत्र का जप करने से हर तरह की बीमारियां और अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है। यह निरोगी काया और अच्छी सेहत का वरदान देता है।
रुद्र गायत्री मंत्र (ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि…):
अगर आप अपनी नौकरी या बिजनेस में तरक्की चाहते हैं और दिमाग को शांत रखना चाहते हैं, तो इस मंत्र का जप आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
वैवाहिक सुख के लिए (ॐ पार्वतीपतये नमः):
जिन लोगों की शादी में रुकावटें आ रही हैं या पति-पत्नी के रिश्ते में अनबन चल रही है, उन्हें इस मंत्र का जप करना चाहिए। इससे सुयोग्य जीवनसाथी मिलता है और रिश्ते में प्यार बढ़ता है।
रुद्र मंत्र (ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः):
अगर आपको किसी बात का अनजाना डर सताता है या नकारात्मक शक्तियां महसूस होती हैं, तो यह मंत्र आपका सुरक्षा कवच बन सकता है। इससे मन का सारा भय खत्म हो जाता है।
शिव गायत्री मंत्र (ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि…):
भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा और असीम मानसिक शांति पाने के लिए शिव गायत्री मंत्र का नियमित जप बहुत ही असरदार माना गया है।
दक्षिणामूर्ति शिव मंत्र (ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये…):
जो छात्र अपनी पढ़ाई में तेज होना चाहते हैं, उन्हें इस मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। इसके प्रभाव से याददाश्त, फोकस और ज्ञान में तेजी से वृद्धि होती है।










