कवर्धा जिले के पोंडी निवासी एक परिवार ने जमीन विवाद से परेशान होकर सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग की है। पीड़ित परिवार ने गांव में 56 डिसमिल जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। इसके बावजूद उस जमीन पर एक दबंग ने मकान निर्माण शुरू कर दिया है। इसके अलावा 13 लोगों ने भी अलग अलग टुकड़ों में जमीन लिया, लेकिन अपने निजी जमीन के साथ 38 डिसमिल शासकीय जमीन को अपना बताकर सभी को बेच दिया।
पीड़ित शेख अनवर का आरोप है कि गांव के ही कैचु पाली से 1978 में 56 डिसमिल जमीन खरीदा था। इसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी है। इसके बावजूद उसकी जमीन पर कैचु पाली ने दबंगई दिखाते हुए मकान निर्माण शुरू कर दिया है। इसके अलावा 13 अन्य लोगों ने भी अलग-अलग टुकड़ों में जमीन खरीदा था, लेकिन कैचु पाली ने अपने निजी जमीन के साथ 38 डिसमिल शासकीय जमीन को अपना बताकर इनको बेच दिया।
पीड़ित शेख अनवर ने बताया कि जमीन लेने वाले लोगों को जब पता चला तो तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 4 दिनों पहले पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो इच्छा मृत्य की अनुमति दी जाए।
पीड़ित न्याय के लिए करीब 4 सालों से शासकीय दफ्तरों का चक्कर काट रहा है। इस दौरान 3 राजस्व निरक्षक और 7 पटवारियों के तबादले हो गए, लेकिन कारवाई नहीं हुई। कलेक्टर का कहना है कि जिन पर आरोप है, वह पहले भी अपराध में जेल जा चुका है। पीड़ित के आवेदन पर एसडीएम ने पटवारी के साथ मिलकर मौके का मुआयना किया है। मिशन रिकॉर्ड निकलवाने के बाद सीमांकन कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।










