Google Analytics Meta Pixel 270 किमी पैदल चलकर रायपुर पहुंचे ग्रामीण, राज्यपाल से कहा- हमें गांव वापस देदो - Ekhabri.com

270 किमी पैदल चलकर रायपुर पहुंचे ग्रामीण, राज्यपाल से कहा- हमें गांव वापस देदो

रायपुर। बस्तर के आदिवासी ग्रामीणों ने गांवों को शहर बनाने के खिलाफ अनोखा सत्याग्रह शुरू किया है। करीब 13 साल पहले बस्तर नगर पंचायत में मिला लिए गए 22 गांव के सैकड़ों लोगों ने बुधवार को रायपुर में राजभवन का घेराव कर दिया। बाद में राज्यपाल अनुसूईया उइके से मुलाकात कर उन लोगों ने कहा, उन्हें उनका गांव ही लौटा दिया जाए। बस्तर नगर पंचायत से 270 किलोमीटर का पैदल सफर कर रायपुर पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस ने राजभवन के पास रोक लिया। ग्रामीणों ने कोई हंगामा नहीं किया, वहीं जमीन पर बैठकर विरोध जताने लगे। बाद में अधिकारियों ने एक प्रतिनिधि को राज्यपाल से मिलने बुलाया। इधर ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे बस्तर नगर पंचायत के पार्षद रामचंद्र बघेल ने बताया, 2008 में बस्तर सहित 22 गांवों को मिलाकर नगर पंचायत बनाया था। इतने वर्षों में वे लोग नगरीय प्रशासन विभाग की व्यवस्था से तंग आ चुके हैं। उनके कई गांव बस्तर की मुख्य आबादी से दूर जंगल और नालों के पार हैं। वहां तक कोई सुविधा नहीं पहुंची है। सड़कें, नालियां, पेयजल कुछ नहीं है। नगर पंचायत हो जाने से मनरेगा का रोजगार भी नहीं है। पिछले कई वर्षों से वे लोग शासन-प्रशासन से मांग करते आए हैं कि उनके गांवों को ग्राम पंचायत घोषित कर दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। रामचंद्र बघेल ने कहा, राज्यपाल को पांचवीं अनुसूची क्षेत्र का संरक्षक कहा गया है, ऐसे में हम लोग उनके पास अपनी मांग लेकर आए हैं। हमारी एक ही मांग है कि नगर पंचायत बस्तर का विघटन कर गांवों को पुराना ग्राम पंचायत वाला दर्जा दे दिया जाए। वहां गांवों के मुताबिक बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर प्रदान हों। राजभवन आए लोगों में बुधराम बघेल, मोतीराम कश्यप, श्रीधर, मंगल, लुंदरू आदि शामिल थे। कुछ देर बाद में राज्यपाल अनुसुईया उइके ने बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किये बिना अधिकारियों को सभी लोगों को राजभवन के भीतर बुलाने का निर्देश दिया। बस्तर से आए सभी लोग राजभवन के लॉन में बैठे। वहां राज्यपाल ने उनकी समस्या सुनी। राज्यपाल ने कहा, पांचवी अनुसूची के तहत ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत नहीं बनाया जाना चाहिए। जिन ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाया गया है, उनके सभी कानूनी पहलुओं पर अध्ययन किया जा रहा है और उस पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
संविधान की प्रतियां लेकर 3 अक्टूबर से शुरू हुई थी पदयात्रा
बस्तर के ग्रामीणों की पदयात्रा 3 अक्टूबर से शुरू हुई थी। ग्रामीणों ने तिरंगे झंडे और संविधान की प्रति लेकर पैदल चलना शुरू किया। जोबा, फरसपाल, केशकाल, सींगारभाट होते हुए वे 7 अक्टूबर की शाम तक बाबुकोहका पहुंच गए थे। 8 अक्टूबर को वहां से चलना शुरू किया तो राजाराव पठार होकर 9 अक्टूबर की रात धमतरी पहुंच गए। 10 अक्टूबर को वे लोग कुरूद पहुंचे, वहां से अभनपुर में रुके और मंगलवार की देर रात रायपुर पहुंच गए।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


राष्ट्रपति से मिलकर लौटे विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय से साझा किए यादगार अनुभव

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा, राष्ट्रपति...

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की बड़ी कार्रवाई, प्लेसमेंट एजेंसी ब्लैकलिस्ट

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने प्लेसमेंट के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजनांदगांव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन...

हरछठ को लेकर संशय की स्थिति, जानिए कब करनी है पूजा और व्रत

By User 6 / August 31, 2026 / 0 Comments
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी यानी हरछठ व्रत रखा जाता है। इसे हल छठ, हरछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माताएं अपनी...

ई-ऑफिस और समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
  रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में ई-ऑफिस व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम...

सुकमा में नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले प्रेम साई गुरुजी, बांटा संबल

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
  सुकमा। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को साझा करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेम साई गुरुजी ने सुकमा जिले के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस...

बस्तर में पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर बांधी राखी

By Reporter 5 / August 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 29 अगस्त 2026। बस्तर में रक्षाबंधन के अवसर पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने वर्षों से चली आ रही नक्सल हिंसा और सुरक्षा बलों के बीच दूरी के बीच रिश्तों और विश्वास की नई कहानी लिखी। भानुप्रतापपुर के...

पुलिस कर्मी के घर में चोरों ने मारी सेंध, ताला तोड कर की चोरी

By User 6 / August 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिसकर्मी के घर चोरी की वारदात से हड़कंप मच गया। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस के घर को भी नहीं छोड़ा। पंडरी थाना क्षेत्र के दुबे कॉलोनी स्थित ग्रैंडले विहार में महिला...

जशपुर में बनेगा आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम, सरकार ने मंजूर किए 5.49 करोड़

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
जशपुर। जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। जिला मुख्यालय जशपुर में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने 5 करोड़ 49 लाख रुपये की...

माता कौशल्या धाम के बंद कॉटेज पर पर्यटन मंडल ने किया बड़ा खुलासा

By Reporter 5 / September 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज लंबे समय से बंद हैं। कॉटेज के संचालन को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए...

नक्सलवाद से बाहर निकल विकास की नई राह पर बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : साय

By Reporter 5 / August 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती झेलने वाला छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर प्रदेश विकास की नई...