रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय से छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के तहत 41 हजार 35 पशुपालक हितग्राहियों को गोबर खरीदी की 9वीं किश्त की राशि के रूप में पांच करोड़ 56 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया। राज्य में इसे मिलाकर अब तक एक लाख 36 हजार गोबर विक्रेताओं को 59 करोड़ 8 लाख रूपए की राशि का भुगतान हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि प्रदेश में गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में गोधन न्याय योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत बनाए गए गौठान गांवों में रोजगार के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र साबित हो रहे है। यही वजह है कि सभी वर्ग के लोग इस योजना के प्रति विशेष रूचि दिखा रहे हैं और वे इससे जुड़कर तेजी आमदनी करने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने गौठानों में मवेशियों के चारा की पर्याप्त उपलब्धता के लिए पशुपालक कृषकों से पैरादान करने की अपील की है। उन्होंने गौठानों में गोबर की आवक और मवेशियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट टांके के निर्माण के लिए भी विशेष जोर दिया। उन्होंने गौठानों में कार्यरत् समितियों तथा स्व-सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने स्थानीय जरूरत तथा मांग के अनुरूप उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।गौठानों की समितियों सहित स्व-सहायता समूहों को कृषि महाविद्यालय और कृषि विज्ञान केन्द्रों से भी जोड़कर और अधिक सक्रिय तथा गतिशील बनाया जाए।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श अनिला भेंड़िया समेत अन्य मंत्री व अधिकारी मौजूद थे।










