रायपुर, 23 नवम्बर 2025।राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों से स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने गोंड समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पाँच लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम द्वारा लिखित दो पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक”और “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध और गौरवशाली है। उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति संवेदनशील हैं और केंद्र सरकार जनजातीय समुदाय के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि **पीएम जनमन** और **प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना** जैसे कार्यक्रम जनजातीय क्षेत्रों के लिए व्यापक लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए कई नई पहलें प्रारंभ की गई हैं।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय वीरों की संघर्षगाथा, संस्कृति और परंपराओं का जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस जनजातीय विरासत का सम्मान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, परंपराओं को समझने और अगली पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं। युवक-युवती परिचय सम्मेलन संबंध निर्माण और सामाजिक एकता को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए समिति को शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने गोंड समाज के इतिहास और परंपराओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएँ आज जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। मरकाम ने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया और गोंड समाज की विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचारों की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष किशोर ध्रुव, सेवाराम ध्रुव, हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।










