रायपुर, 22 जनवरी 2026।राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी से तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को सुबह 10.30 बजे विनोद कुमार शुक्ल मंडप में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश होंगे, जबकि अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।
उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा रंगकर्मी और अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
रायपुर साहित्य उत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार, कवि, पत्रकार और विचारक भाग लेंगे। आयोजन के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला, इंगेजमेंट जोन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। आगंतुकों की सुविधा के लिए फूड जोन की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्य मंच विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में तैयार किया गया है। इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चा और गोष्ठियों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप और अनिरुद्ध नीरव मंडप बनाए गए हैं। साहित्य उत्सव के दौरान प्रतिदिन चार सत्र आयोजित होंगे। पहला सत्र दोपहर 12.30 बजे, दूसरा 2.15 बजे, तीसरा 3.45 बजे और चौथा सत्र शाम 5.15 बजे से 6.30 बजे तक चलेगा। 23 और 24 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
# 23 जनवरी के सत्र
पहले सत्र में समकालीन महिला लेखन, भारत के स्व-जागरण, और डिजिटल साहित्य से जुड़े विषयों पर परिचर्चा होगी।
दूसरे सत्र में वाचिक परंपरा, कविता की नई दिशा और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश शामिल होंगे।
तीसरे सत्र में जनजातीय विमर्श, छत्तीसगढ़ का साहित्यिक योगदान और विनोद कुमार शुक्ल की साहित्यिक स्मृतियों पर चर्चा होगी।
चौथे सत्र में पुरातत्व, सेक्युलरिज्म और काव्य पाठ का आयोजन होगा। शाम 7 बजे विनोद कुमार शुक्ल मंडप में मनोज जोशी द्वारा ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा।
# 24 जनवरी के सत्र
इस दिन राष्ट्र सेवा, लोक गीत, धार्मिक सिनेमा, एकात्म मानवदर्शन, भारत का बौद्धिक विमर्श, मीडिया बहस, नई पीढ़ी की फिल्में और साहित्य से जुड़े विषयों पर संवाद होंगे। इसके साथ ही साहित्य और एआई, डिजिटल युग में लेखक-पाठक संबंध और इतिहास पर आधारित परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।
# 25 जनवरी के सत्र
अंतिम दिन संविधान और भारतीय मूल्य, पर्यटन लेखन, पत्रकारिता, नाट्यशास्त्र, सिनेमा और समाज, शासन और साहित्य तथा छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे।
रायपुर साहित्य उत्सव का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और समकालीन विमर्श को एक मंच पर लाना है, जिससे पाठकों, लेखकों और युवाओं के बीच संवाद को बढ़ावा मिल सके।
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