रायपुर, 30 जनवरी 2026।नवा रायपुर में आज मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिषद के सदस्य राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के साथ केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और अंतर्राज्यीय समन्वय से जुड़े 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान मध्य क्षेत्र के चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही राज्यों के बीच नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिसेस की जानकारी दी गई।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की यह बैठक परिषद की मुख्य बैठक से पूर्व एजेंडा को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। इसमें की गई सिफारिशें और निर्णय आगामी परिषद बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में अंतर्राज्यीय लंबित मामलों के समाधान, विकास परियोजनाओं में समन्वय और केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और चारों राज्यों के विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच विभिन्न विषयों पर रचनात्मक चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और सहयोग के माध्यम से मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव आशीष श्रीवास्तव ने चर्चा के निष्कर्षों के आधार पर राज्यों से त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
# मंत्रालयों और विभागों से जुड़े विषयों पर चर्चा
बैठक में पंचायती राज, कानून एवं न्याय, गृह, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास, ग्रामीण विकास, रेल, खान, सामाजिक न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, कोयला, नागरिक उड्डयन, पर्यावरण, जल जीवन मिशन, खाद्य सुरक्षा, स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, वित्त सेवाएं, डाक, पशुपालन, वाणिज्य और मत्स्य पालन विभागों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
# राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस का प्रस्तुतीकरण
बैठक में चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेस की प्रस्तुतियां भी दी गईं। छत्तीसगढ़ ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ब्लॉक-चेन आधारित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र की जानकारी साझा की। मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास, नवीकरणीय ऊर्जा नीति और पर्यटन हेली सेवा से जुड़ी पहलें प्रस्तुत कीं।
उत्तराखंड ने किसान-से-आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम और जल स्रोत पुनर्जीवन से जुड़ी योजनाओं पर जानकारी दी। उत्तरप्रदेश ने शहरी आवास सुधार, श्रम न्याय सेतु पोर्टल और सेवा मित्र जैसे नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया।









