नारायणपुर। जिले के भरंडा गांव में पिछले कई दिनों से धर्मांतरण को लेकर चल रहा तनाव आखिरकार मंगलवार देर रात प्रशासन की मध्यस्थता के बाद समाप्त हो गया है।प्रशासन लगातार हालात संभालने में लगा हुआ है। नौ जून से शुरू हुए इस विवाद के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी, जिसके चलते आदिवासी समाज और मतांतरित परिवारों के बीच तनाव पैदा हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मुख्य आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजना पड़ा था, इसके बावजूद गाँव में तनाव बरकरार था। खबर है कि 26 परिवार गांव छोड़कर अन्य स्थानों पर रहने को मजबूर हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दिन गांव में नजर बनाए हुए थे। मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए 14 अलग-अलग दौर की बैठकें हुईं, जो लगभग 12 घंटे तक चलीं। इस वार्ता के दौरान कई मौकों पर तीखी बहस भी हुई, लेकिन प्रशासनिक हस्तक्षेप से माहौल नियंत्रण में रहा।
प्रशासन की मौजूदगी में अंततः दोनों पक्षों के बीच शांति और सौहार्द के लिए सात प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी। यह हुआ समझौता तय हुआ कि गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहेगी, कोई भी पक्ष उकसाने वाली गतिविधियां नहीं करेगा और आदिवासी समाज व मतांतरित परिवारों के बीच संवाद जारी रहेगा। इसके अलावा, अगले एक माह तक स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इस समझौते के बाद गांव का माहौल सामान्य होने लगा है और विवाद के चलते बाहर गए 26 परिवार अब वापस अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।










