Google Analytics Meta Pixel "Ekhabri विशेष- बस्तर दशहरा और लोक रस्मों की कड़ी" (सीरीज 11) - Ekhabri.com

“Ekhabri विशेष- बस्तर दशहरा और लोक रस्मों की कड़ी” (सीरीज 11)



Ekhabri विशेष, (पूनम ऋतु सेन)। बस्तर का दशहरा अपने विचित्र और आकर्षक रस्मों के लिए विख्यात है, इसकी प्रसिद्धि केवल राज्य में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हो चुकी है। 75 दिनों तक चलने वाले इस पर्व की अपनी प्रमुख विशेषताएं है औऱ इसे जीवंत रूप देते हैं यहाँ का आदिवासी समाज और माँ दन्तेश्वरी के उपासकगण।

पिछले पोस्ट में हमने मावली परघाव के बारे में बात की थी, इसी कड़ी में हम आज विजयादशमी और बाहिर रैनी प्रथा के बारे में बात करेंगे-

बस्तर का विजयदशमी

अश्विनी शुक्ल को विजया दशमी के दिन भीतर रैनी तथा एकादशी के दिन बाहिर रैनी के कार्यक्रम होते हैं। दोनों दिन आठ पहियों वाला विशाल रथ चलता है। भीतर रैनी अर्थात विजयादशमी के दिन यह रथ अपने पूर्ववर्ती रथ की ही दिशा में अग्रसर होता है। इस रथ पर झूले की व्यवस्था रहती है, जिस पर पहले रथारूढ़ शासक वीर वेश में बैठा झूला करता था किन्तु वर्तमान में देवी के साथ अब केवल पुजारी ही बैठा करतें हैं।



विजयदशमी की शाम को जब रथ वर्तमान नगर पालिका कार्यालय के पास पहुँचता था तब रथ के समक्ष एक भैंस की बलि दी जाती थी। भैसा महिषासुर का प्रतीक माना जाता है।  तत्पश्चात जुलूस में उपस्थित राजमान्य नागरिकों को रुमाल और बीड़े देकर सम्मानित किया जाता था। ज्ञात हो कि यह दशहरा रावण वध और भगवान राम की विजय के उपलक्ष्य में ना होकर माँ दुर्गा के महिषासुर वध की जीत का पर्व है। रथ की परिक्रमा पूरी होने पर आदिवासी आठ पहियों वाले इस रथ को प्रथा के अनुसार चुराकर कुम्हड़ाकोट ले जाते हैं।

Read Also  एक्सलूसिव वीडियो देखिये : यूपी का गैंगस्टर विकास दुबे महाकालेश्वर मंदिर के बाहर से गिरफ्तारी या सरेंडर

बाहिर रैनी

बाहिर रैनी की बस्तर दशहरा की एक मनोरंजक रस्म है इसके अंतर्गत माईजी की डोली के रथ पर सवार होते ही रस्म के हिसाब से रथ चुराने की परंपरा का निर्वहन किया जाता है। रथ चुराने के लिए किलेपाल, गढ़िया एवं करेकोट परगना के 55 गांवों से 4 हज़ार से अधिक ग्रामीण यहां पहुंचते है। वे राजमहल के सामने खड़े रथ को बिना कोई शोर मचाए चुराकर कोतवाली के सामने से खींचते हुए रातों रात इसे करीब 5 कि.मी. दूर कुम्हड़ाकोट के जंगलों में ले जाते हैं। इसके बाद रथ को यहां पेड़ों के बीच में छिपा दिया जाता हैं। रथ चुराकर ले जाने के दौरान रास्ते भर उनके साथ आंगादेव सहित सैकड़ों देवी-देवता भी साथ रहते है।



रथ चोरी होने के बाद महाराजा कमलचंद्र भंजदेव( वर्तमान प्रतीकात्मक राजा), राजगुरू – नवीन ठाकुर अन्य लोगों के साथ कुम्हड़ाकोट जाते है। यहां पहले नए फसल के अनाज को ग्रामीणों के साथ पकाने के बाद इसका भोग राजपरिवार के सदस्य करते है। इसके बाद  चोरी हुए रथ को वापस लाने के लिए ग्रामीणों को मनाया  जाता है। देर शाम रथ को बस्तर महाराज अपनी अगुवाई में लेकर वापस दंतेश्वरी मंदिर पहुंचते है। रथ को वापस लाने  की रस्म को बाहिर रैनी रस्म कहा जाता है। रथ के लौटते ही बस्तर दशहरा के रथ संचालन की रस्म पूर्ण हो जाती है। इतिहासकार बताते हैं कि दशहरा रथ चोरी की रस्म पिछले 300 वर्षों से अनवरत जारी है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


गोंदिया रक्सौल के बीच समर स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को बड़ी राहत

By User 6 / April 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 09 अप्रैल 2026।गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बड़ी सुविधा दी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने गोंदिया से रक्सौल के बीच साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन चलाने का...

सोना 2026 में कहाँ जा रहा है एक्सपर्ट्स ने दिया बड़ा संकेत

By User 6 / April 9, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली: साल 2025 में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने की कीमतों में तेजी का रुख 2026 की शुरुआत में भी जारी है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव के बीच गोल्ड फिर से...

सुकमा में 116 पुनर्वासित युवाओं को मिला मतदान अधिकार  

By User 6 / April 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 09 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब मतदान का अधिकार...

प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत शिक्षकों को मिला जीवनरक्षक प्रशिक्षण

By User 6 / April 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 10 अप्रैल 2026। जिला प्रशासन रायपुर द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहयोग से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” के अंतर्गत जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने की क्षमता...

धान छोड़ फूलों की खेती से किसान ने बदली आय

By User 6 / April 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 11 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक स्थित साकरा गांव के किसान संजय वर्मा ने पारंपरिक धान खेती छोड़कर रजनीगंधा (ट्यूबरोज) की खेती अपनाकर आय का नया रास्ता बनाया है। शासकीय योजनाओं के सहयोग से उन्होंने खेती...

अमित शाह ने बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का घोषणापत्र जारी किया  

By User 6 / April 10, 2026 / 0 Comments
कोलकाता:केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शुक्रवार को Kolkata में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए Bharatiya Janata Party का घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने इस दस्तावेज को ‘संकल्प पत्र’ और ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है।   घोषणापत्र...

नकली दवाओं के अवैध व्यापार का खुलासा, तीन लोगों की हुई गिरफ्तारी

By User 6 / April 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 14 अप्रैल 2026छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें...

मई-जून चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारी तेज

By User 6 / April 10, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 10 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ में आगामी मई-जून 2026 में संभावित नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस दिशा में व्यापक स्तर पर...

148 केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचा बारहवीं हिंदी परीक्षा का प्रश्न पत्र

By User 6 / April 10, 2026 / 0 Comments
रायपुर। बारहवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों को जिले के सभी 148 परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित और समय पर पहुंचा दिया गया। प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया,...

बच्चों के लिए सही स्कूल चुनने में किन बातों का रखें ध्यान

By User 6 / April 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आज के समय में बच्चों के लिए सही स्कूल का चयन अभिभावकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हर स्कूल खुद को बेहतर बताता है, लेकिन सही निर्णय वही होता है जो बच्चे की जरूरत, रुचि और...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *