गर्मी के कारण राजधानी के कई स्कूल 20 जून के बाद स्कूल खोलने का लिया फैसला
रायपुर। 16 जून से राज्य के सभी स्कूल एक बार फिर से खुलने वाले हैं लेकिन मौसम से अभी भी लोगों को राहत नहीं मिली है। गर्मी अपने चरम पर है। राजधानी की अगर बात करें तो यहां पर तापमान 40 के पार है, ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल भेजना भी पलकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालत को देखते हुए राजधानी के कई स्कूलों ने 20 जून के बाद स्कूल खोलने का निर्णय लिया है।
हर साल स्कूल खुलने के पहले मौसम मेहरबान हो जाता था। प्री मानसून आने के कारण तापमान में कमी आ जाती थी जिसके कारण बच्चों का स्कूल में लगातार आठ से 6 घंटे बैठ पाना आसान हो जाता था लेकिन इस साल मौसम अब तक ठंडा नहीं हुआ है और गर्मी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। विशेषज्ञों की माने तो अभी भी मानसून के जल्द सक्रिय होने की कोई भी खबर नहीं है।पूर्व में ऐसा अनुमान लगाया गया था कि आज यानी 14 तारीख तक मानसून दस्तक दे देगा लेकिन ऐसा कोई भी आसार बनता नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि तापमान में भी कमी नहीं आ रही है और गर्मी बढ़ती जा रही है। धूप छांव के कारण उमस ने मौसम को और भी खराब कर दिया है। ऐसी स्थिति में स्कूलों का खुलना एक बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहा है। आमतौर पर स्कूलों का समय सुबह 7 से दोपहर 2 तक का रहता है। छुट्टी होने के बाद बच्चों को भारी धूप में घर वापसी करना होगा।
इस पूरे मामले में हमने डॉक्टर दीपक दुबे से बात की। उनके अनुसार हर साल की तुलना में इस साल प्रदेश में गर्मी अभी पढ़ी है और यही कारण है कि मौसम अभी भी गरम है। बेहतर यह होगा कि स्कूल को चार-पांच दिन बाद मानसून आने के साथ खोला जाए जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में असर नहीं होगा। दोपहर के समय में अभी भी लू चल रही है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य में असर पड़ सकता है। अगर आप स्कूल बच्चों को भेज भी रहे हैं तो उन्हें अच्छी डाइट और अधिक पानी पीने की सलाह दें जिससे बच्चों में पानी की कमी ना हो और वह डिहाइड्रेशन के शिकार ना बने।
स्कूल खोलने को लेकर Ekhabri ने प्राइवेट स्कूल एसोसियेशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता से बात की उन्होंने बताया की संगठन ने प्रदेश के सभी स्कूलों से अपने जिले में गर्मी की स्थिति देखते हुए स्कूल खोलने का आग्रह किया है। मौजूदा समय में गर्मी की जो स्थिति है इसको देखते हुए रायपुर जिले के बहुत से स्कूलों ने स्कूल खुलना 20 जून तक टाल दिया है।
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