अभिनेत्री पायल घोष ने मशहूर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप पर फिर से दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस बारे में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा-“मैंने दक्षिण भारतीय फिल्मों के दो राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशकों के साथ काम किया है लेकिन उन्होंने कभी मुझे गलत तरीके से नहीं छुआ, जबकि बालीवुड में मैंने अनुराग कश्यप के साथ काम तक नहीं किया है और उन्होंने हमारी तीसरी मुलाकात में मेरे साथ दुष्कर्म किया और अब यह कह रहे हैं कि मैं दक्षिण को लेकर डींगे न हांकू।”
इसके आगे पायल ने अभिनेता जूनियर एनटीआर के साथ काम करने का जिक्र करते हुए दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रशंसा में एक और ट्वीट किया। पायल के इस ट्वीट पर एक यूजर ने पूछा कि पुलिस स्टेशन जाइए और अनुराग कश्यप के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराइए। इसके जवाब में पायल ने लिखा, “केस चल रहा है, जांच चल रही है, कुछ भी नहीं हो रहा है। सब पैसे का खेल है।” उल्लेखनीय है कि पायल ने साल 2020 सितंबर में अनुराग के विरुद्ध मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी कि अनुराग ने साल 2013 में उनके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद अनुराग ने सारे आरोपों को आधारहीन बताया था।
इस मामले में मुंबई पुलिस अनुराग से पूछताछ भी कर चुकी है। इसी मामले में अनावश्यक तौर पर घसीटे जाने को लेकर अभिनेत्री रिचा चड्ढा ने पायल पर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद पायल ने अपने शब्दों के लिए रिचा से बिना शर्त माफी मांगी थी। गौरतलब है कि पायल ने “मी टू मूवमेंट” के दौरान भी अनुराग पर इसी तरह का आरोप लगाया था। उन्होंने अनुराग के खिलाफ थाने में मामला भी दर्ज करवाया था।
पायल ने कुछ दिन पहले अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर दो पोस्ट किए थे। पहले पोस्ट में उन्होंने लिखा था-“ये मैं हूं पायल घोष, अगर मैं सुसाइड या हार्ट अटैक से मर जाऊं तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा?”. इसके बाद अदाकारा ने अपनी एक फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था-“ओशिवारा पुलिस स्टेशन… मेरे घर पर पुलिस आई थी… मुझे कुछ हो गया तो कोई नहीं बचेगा… मेरे मनोचिकित्सक से पूछो कि मैं किन हालातों से गुजर रही हूं… मैं सुशांत नहीं, पायल घोष हूं, मरूंगी तो सबको फंसा के मरूंगी।” हालांकि बाद में उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था।
CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.
By User 6 /
October 19, 2026 /
दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। यह पवित्र पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना और उनका आशीर्वाद पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। नवरात्र व्रत (Shardiya Navratri 2026 Vrat Paran) का पारण...
By User 6 /
October 21, 2026 /
रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अपनी दबंग छवि के लिए पहचानी जाने वाली आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा आए दिन चर्चा में रहती है. आज दशहरा में शस्त्र पूजन के साथ उनका एक वीडियो और बहुत...
By User 6 /
October 17, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए दीपावली अवकाश की अवधि बढ़ा दी है। संशोधित आदेश के अनुसार अब...
By User 6 /
October 18, 2026 /
रायपुर। इस नवरात्र में तिथियों के घटने और बढ़ने से कंफ्यूजन बना हुआ है। अगर आप भी सप्तमी व्रत, अष्टमी व्रत और अष्टमी कन्या पूजन को लेकर कंफ्यूज हो रहे हैं तो आपको बता दें कि काशी के पंचांग में...
By User 6 /
October 16, 2026 /
शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भक्त मां की आराधना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं...
By User 6 /
October 19, 2026 /
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को बेचने की योजना से जुड़ी सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में प्रसारित खबरों को असत्य एवं भ्रामक बताया गया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों...
By User 6 /
October 19, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चलगली क्षेत्र के ग्रामीणों को महाअष्टमी के अवसर पर बड़ी सौगात मिली है। जनजातीय कार्य मंत्री रामविचार नेताम ने ग्राम कपिलदेवपुर में मोरन नदी पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया। लोक...
By User 6 /
October 16, 2026 /
कांकेर। जिले से दिल दहलाने वाली ख़बर सामने आई है, यहां लौह खदान की तीन गाड़ियों में आग लगाने और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा छोड़ने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला लोहत्तर...
By User 6 /
October 17, 2026 /
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जो...
By User 6 /
October 16, 2026 /
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जो...