गुजरात के वडोदरा में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां रहने वाली एक महिला को अपनी शादी के आठ वर्ष बाद जाकर पता चला कि उसका पति जन्म से महिला था। उसने बाद में लिग परिवर्तन करवाया और उससे शादी रचाई। जब महिला को सच्चाई पता चली तो वह हक्की-बक्की रह गई और उसने अपने पति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
महिला के पति विराज ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि वह शादी से पहले सब कुछ जानती थी। उसे अवगत कराया गया था कि उसकी लिग परिवर्तन सर्जरी हुई है। उसने उसे उन तीन चरणों के बारे में भी बताया जो अभी और किए जाने थे। विराज ने स्वीकार किया कि वह जन्म से एक महिला थी और उसका नाम विजेता था।
महिला के अनुसार उसके पहले पति की एक हादसे में मौत हो गई थी। उसकी एक बेटी भी है। करीब नौ साल पहले उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट पर दिल्ली निवासी डा. विराज वर्धन से हुई। इसके बाद परिवारों की रजामंदी से दोनों ने 2014 में शादी कर ली। महिला ने बताया कि लंबे संबंध तक उनमें संबंध नहीं बने। इसकी वजह थी कि वह कोई न कोई बहाना बना देता था। उसने यह भी कहा कि जब वह रूस में था तो एक हादसे में गंभीर रूप से जख्मी होने की वजह से अब वह संबंध नहीं बना पाता।
महिला ने आरोप लगाया कि 2020 में विराज बहाना बनाकर कोलकाता चला गया। वहां उसने पुरुष अंगों को प्रत्यारोपित करने के लिए सर्जरी करवाई। कोलकाता से वापस आकर विराज ने उससे जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाए। महिला ने आरोप लगाया कि विराज ने धमकी भी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह परिणाम भुगतने को तैयार रहे। पीड़िता को जब उसकी हकीकत का पता चला तो उसने पुलिस में पति विराज के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कराया।










