कैंसर का नाम सुनते ही मन डर से सिहर जाता है। हालांकि, विज्ञानियों के प्रयास से अब कैंसर ऐसी बीमारी नहीं रही, जो ठीक न हो सके। इस बीच, अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के एक ताजा अध्ययन में बताया गया है कि कैंसर से उबरे वयस्कों में हड्डी टूटने का जोखिम काफी रहता है।शोध में इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय हैं, उनमें यह जोखिम कम होता है, लेकिन जो लोग धूमपान करते हैं उनमें हड्डी टूटने का खतरा अधिक पाया गया।
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन की जर्नल जामा ओंकोलाजी में प्रकाशित शोध निष्कर्ष में कहा गया है कि विशेष रूप से पांच साल के भीतर निदान किए गए या जिनका कीमोथेरेपी का इतिहास है, उनमें बिना कैंसर इतिहास वाले बुजुर्गों की तुलना में हड्डी टूटने का खतरा अधिक रहता है, खासतौर पर कूल्हे की हडि्डयो को लेकर यह अधिक होता है।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की बीहैविरलल एंड एपिडिमिओलाजी रिसर्च की प्रमुख विज्ञानी डा. इरिका रीज-पुनिया ने बताया कि ये निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अमेरिका में कैंसर से उबरे लोगों की संख्या 2040 तक 2.61 करोड़ तक होने का अनुमान है। शोधकर्ताओं ने 1997 से 2017 के बीच कैंसर से उबरे लोगों पर यह अध्ययन किया। शोध में भाग लेने वाले 92,431 लोगों में से 12,943 लोगों में हडि्डयां टूटने का खतरा पाया गया। ये वे लोग थे जो पांच साल पहले कैंसर से उबरे थे।










