रायपुर, 17 अप्रैल 2026। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत किया। उन्होंने क्रिएटर्स से आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर, विकास और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है। उन्होंने भगवान राम के ननिहाल, माता कौशल्या के मायके, दंडकारण्य और माता शबरी की भक्ति जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए राज्य की समृद्ध विरासत को रेखांकित किया। संत गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को याद करते हुए उन्होंने सामाजिक समरसता की परंपरा को प्रदेश की आत्मा बताया।

उन्होंने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ अब तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग और सुरक्षा बलों के प्रयासों से राज्य नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है। अब गांव-गांव तक विकास की मुख्यधारा पहुंच रही है।
बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, घने वन और जनजातीय संस्कृति देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को यूनेस्को द्वारा विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाना राज्य के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया की ताकत का उदाहरण देते हुए बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का जिक्र किया, जिनका वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने उन्हें क्रिकेट किट भेजी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के माध्यम से राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के जरिए सुदूर गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, राशन और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
डिजिटल युग पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया का प्रभाव अब गांवों तक दिखाई दे रहा है, जहां आम नागरिक भी डिजिटल भुगतान कर रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से इस बदलाव को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने की अपील की।
कार्यक्रम में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद की छवि से निकलकर विकास, शांति और संभावनाओं का नया उदाहरण बन रहा है। उन्होंने क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे पूर्वाग्रहों से हटकर राज्य के वास्तविक परिवर्तन और सकारात्मक पहलुओं को सामने लाएं।
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।










