लॉकडाउन में कई लोग अपने कामकाज से दूर हो गए हैं और नया व्यवसाय भी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में यूनिक आइडिया पर स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा रखने वालों के लिए खुशखबरी है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (एमआइटी) ने टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन एंड डेवलपमेंट ऑफ आंत्रप्रेन्योर्स (टाइड 2.0) स्कीम की शुरुआत की है। इसके तहत देश भर में 51 इनक्यूबेशन सेंटर्स का चयन किया गया है। इसमें राज्य का इनक्यूबेशन सेंटर 36 आइएनसी भी शामिल है। टाइड 2.0 स्कीम का मकसद देश में आइटी बेस्ड स्टार्टअप को बढ़ावा देना, गाइड कर नए स्टार्टअप वालों फंडिंग कर मदद पहुंचाना है। स्कीम के तहत सात सेक्टर्स में स्टार्टअप करने के लिए 4 से 40 लाख रुपये तक का फंड दिया जाएगा। चयनित स्टार्टअपकर्ताओं को नामी विशेषज्ञ आइडिया देंगे। फंडिंग अथवा अन्य समस्या आने पर विशेषज्ञ मदद भी करेंगे।
लॉकडाउन में कई लोग अपने कामकाज से दूर हो गए हैं और नया व्यवसाय भी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में यूनिक आइडिया पर स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा रखने वालों के लिए खुशखबरी है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (एमआइटी) ने टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन एंड डेवलपमेंट ऑफ आंत्रप्रेन्योर्स (टाइड 2.0) स्कीम की शुरुआत की है। इसके तहत देश भर में 51 इनक्यूबेशन सेंटर्स का चयन किया गया है। इसमें राज्य का इनक्यूबेशन सेंटर 36 आइएनसी भी शामिल है। टाइड 2.0 स्कीम का मकसद देश में आइटी बेस्ड स्टार्टअप को बढ़ावा देना, गाइड कर नए स्टार्टअप वालों फंडिंग कर मदद पहुंचाना है। स्कीम के तहत सात सेक्टर्स में स्टार्टअप करने के लिए 4 से 40 लाख रुपये तक का फंड दिया जाएगा। चयनित स्टार्टअपकर्ताओं को नामी विशेषज्ञ आइडिया देंगे। फंडिंग अथवा अन्य समस्या आने पर विशेषज्ञ मदद भी करेंगे।
तीन कैटेगरी में चयन किए जाएंगे स्टार्टअप
स्कीम के तहत स्टार्टअप तीन कैटेगरी में चुने जाएंगे। अलग-अलग कैटेगरी की फंडिंग भी अलग-अलग होगी।
पहली कैटेगरी- पहली कैटेगरी आंत्रप्रेन्योर इन रेसीडेंस है। इसके तहत जो नया और यूनिक आइडिया रखता है, लेकिन किसी कारण से उस पर काम शुरू नहीं कर पाया है, वह आवेदन कर सकता है। इसमें शुरुआती फंडिंग चार लाख रुपये की होगी।
दूसरी कैटेगरी- दूसरे कैटेगरी में ग्रांट है। इसके तहत जिन्होंने अपने आइडिया पर काम शुरू कर दिया है और कुछ प्रोडक्ट बना लिया है उन्हें व्यापार की तरक्की के लिए पहले चरण में सात लाख रुपये की ग्राट दी जाएगी। इसमें वे लोग आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कुछ प्रोडक्ट तैयार कर लिए हों।
तीसरी कैटेगरी- तीसरी कैटेगरी इनवेस्टमेंट है। इसके तहत जिन्होंने अपना प्रोडक्ट तैयार कर लिया है और उसे कॉमर्शियल लांच करना है, वे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 40 लाख की फंडिंग की जाएगी।









