अचानकमार टाइगर रिजर्व में जैव विविधता का बड़ा संसार है। यहां बाघ व तेंदुए की दहाड़ के साथ-साथ 144 प्रजातियों के पक्षियों की चहचहाहट भी सुनाई देती है। यह आंकड़ा अधिक भी हो सकता है। बीते कुछ सालों में इसे लेकर कोई सर्वे नहीं हुआ है। मैकल पर्वत की श्रृंखला में बसे अचानकमार टाइगर रिजर्व की स्थापना 1975 में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत की गई थी। इसके बाद 2007 में इसे बायोस्फियर और 2009 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। लगभग 914 वर्ग किमी में फैले इस टाइगर रिजर्व ने अपने अंदर अनेकों जैव विविधता समेटे हुए हैं।
एटीआर का कोर एरिया का क्षेत्रफल 649 वर्ग किमी है। वहीं बफर का क्षेत्रफल 265 वर्ग किमी तक फैला है। अचानकमार टाइगर रिजर्व में कई तरह के वन्य जीव पाए जाते हैं। यहां के जंगलो में बाघ, तेंदुआ, गौर, उड़न गिलहरी, बाइसन, भालू, हिरण, चीतल समेत लगभग 50 से ज्यादा स्तनधारी जीव और अलग-अलग प्रकार के 144 से ज्यादा पक्षियों कीप्रजाति पाई जाती हैं। 2016-17 में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ व टाइगर रिजर्व प्रबंधन की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट यह बात सामने आई थी।
प्रबंधन की नजर में यह बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि इस पर कोई सर्वे नहीं हुआ था। नई प्रजातियों की कलरव सुनाई दे रही थी। इसकी पहचान कर पाना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए कठिन हो रहा था। यही वजह है कि बर्ड सर्वे की योजना बनाई गई। इसमें डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद ली गई। करीब डेढ़ महीने तक डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के बर्ड विशेषज्ञ व टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने कोर व बफर क्षेत्र का सर्वे के बाद पूरी तस्वीरों को एकत्र कर उस पर अध्ययन हुआ। इन्हें बर्ड विशेषज्ञों को भेजा गया। बारीकी से अध्ययन, पुस्तक व विशेषज्ञों की मदद से सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद पक्षियों का सही आंकड़ा सामने आया।
सर्वे में पक्षियों की 144 प्रजातियों की जानकारी सामने आई है। इतना ही नहीं प्रबंधन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब यह पुष्टि हुई कि इनमें 15 नई प्रजातियां हैं। जिनके लिए टाइगर रिजर्व नया रहवास है। सर्वे के बाद इन प्रजातियों पर एक पुस्तक भी प्रकाशित करने की योजना थी ताकि सभी इससे अवगत हो सकें। लेकिन अधिकारियों के तबादले के कारण प्रकाशन नहीं हो सका। इंडियन पित्ता, एम्रल्ड डव, ग्रे हेडड फिस ईगल, ब्लू केप्ड रॉक थ्रस, व्हाइट वेगटेल, ब्लू बियर्ड बी इटर, स्पेनग्लेड ड्रोंगी, बेंडेड वे कुक्कू, ब्लैक विंग कुक्कू आदि शामिल हैं।
अचानकमार टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर संजीता गुप्ता का कहना 144 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां होंगी। कुछ सालों से सर्वे नहीं हुआ है। पक्षियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ही नवंबर में बड़े स्तर पर सर्वे कराने की योजना है। प्रयास है कि देश के 50 से 60 नामचीन बर्ड्स वाचर की मदद ली जाए।
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