यह मत सोचो कि मुझसे नहीं होगा बल्कि यह सोचो कि मेरे अलावा कर कौन पाएगा। हमारी सोच के साथ ही सफलता की कड़ी भी जुड़ी होती है,बस जरूरत है तो एक सकारात्मक सोच की जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।
पहाड़ों पर बैठ कर तप करना सरल है, लेकिन समाज में परिवार में सबके बीच रहकर धीरज बनाये रखना कठिन है और यही तप है अपनो में रहें
अपने मे नही”










