हाथरस गैंगरेप: पीडि़ता की मां बोली- नहीं देखने दिया बेटी का चेहरा

  • भाभी ने कहा- पुलिस ने हमें पीटा, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो


लखनऊ। हाथरस गैंगरेप मामले में कल पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बाद शनिवार को मीडिया को गांव में जाने की अनुमति दी गई है। यह अनुमति पीडि़त का शव जलाने के 3 दिन बाद दी गई है। पुलिस ने मीडिया को पीडित के गांव (बुलगढ़ी) में एंट्री दी है। मीडिया से बातचीत में पीडि़त परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। मां ने कहा, आखिरी बार बेटी का मुंह भी नहीं देखने दिया, हमें तो ये भी पता नहीं कि पुलिस ने किसकी लाश जलाई और हम किसकी हड्डियां लाए हैं। डीएम साहब ने हमें काफी धमकाया। कहा कि तुम्हारी बेटी कोरोना से मर जाती तब क्या करते।
-डीएम का नार्को टेस्ट होना चाहिएÓ
पीडि़त की भाभी ने कहा कि पुलिस ने हमसे मारपीट की। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। हमारा नार्को टेस्ट करवाने की बात कही जा रही है, लेकिन नार्को टेस्ट तो डीएम का होना चाहिए। हम तो सच बोल रहे हैं। वहीं, पीडि़त के भाई ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे तक पुलिस घर पर रही। इस दौरान किसी को कहीं जाने नहीं दिया। हमें किसी की कोई खबर नहीं। हम यही चाहते हैं कि जांच ठीक से हो।
-नेताओं को अभी एंट्री नहीं
हाथरस सदर के एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा अभी सिर्फ  मीडिया को गांव के अंदर जाने की इजाजत दी गई है। बाकी लोगों की परमिशन के ऑर्डर आते ही सबको बता देंगे। ये आरोप गलत हैं कि पीडि़त परिवार के फोन ले लिए गए हैं और उन्हें घर में कैद कर दिया गया है।

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