रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दिल्ली प्रवास के लिए रवाना हुए। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री साय इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक को दोनों राज्यों के बीच जल विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद का दोनों राज्यों के व्यापक हित में समाधान निकालने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय जल आयोग को लिखित रूप से आश्वस्त किया है कि प्रदेशों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा लिया गया निर्णय दोनों राज्य सरकारों को मान्य होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपसी संवाद, समन्वय और सहयोग की भावना से महानदी जल विवाद का सकारात्मक समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के हितों की रक्षा के साथ-साथ पड़ोसी ओडिशा के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध और सहयोग की भावना को बनाए रखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर भी लगातार पहल की जा रही है। इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक हो चुकी है। इसमें संवाद, तकनीकी सहयोग और आपसी सहमति के माध्यम से विवाद के समाधान की दिशा में चर्चा की गई थी।
### सिंगापुर में वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने आगामी सिंगापुर प्रवास के दौरान SING Forum-2026 में शामिल होंगे। सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, औद्योगिक क्षमताओं और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक समुदाय के सामने प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि SING Forum-2026 छत्तीसगढ़ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी संभावनाओं को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें होंगी। इनमें छत्तीसगढ़ में निवेश, कारोबारी साझेदारी और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करना है। नई औद्योगिक नीति, प्राकृतिक संसाधन, मजबूत अधोसंरचना, कुशल मानव संसाधन और उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसर प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होंगे।
### बस्तर की प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की युवा प्रतिभाओं को लेकर भी सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के युवाओं में क्षमता और आगे बढ़ने का जज्बा है। जरूरत केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की है।
उन्होंने कहा कि बदलते बस्तर में शिक्षा, खेल, कौशल विकास, नवाचार और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाए, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
### बारिश और बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिलेगी अतिरिक्त राहत
प्रदेश में पिछले तीन से चार दिनों में हुई लगातार बारिश और बाढ़ से कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री साय के अनुसार प्रदेश के 17 जिलों के 550 से अधिक गांव और 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कलेक्टरों को बारिश और बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘आरबीसी 6-4’ के तहत पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त राहत की भी घोषणा की है। प्रदेश के सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को प्रभावित परिवारों का शीघ्र सर्वे और क्षति का आकलन पूरा कर सहायता राशि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को मकान, फसल, पशुधन और अन्य क्षति का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ आकलन करने तथा पात्र लोगों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। राहत और सहायता से लेकर पुनर्वास तक आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि बारिश और बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।










