रायपुर। कई बार ऐसा देखने में आता है कि हमारे जीवन में कई रुकावट आने लगती है। ऐसे में आज के दिन कई उपायों को करके आप अपने जीवन को सुखद बना सकते हैं। आज हम नींबू के कुछ आसान उपाय जानेंगे जिससे यह परेशानी और घर में आई नकारात्मक चीजें दूर हो जाएंगी साथ ही सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय भी जानेंगे। रविवाद को सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि जैसे सूर्य का प्रकाश पूरे जगत को रोशन करता है, वैसे ही सूर्य की उपासना से व्यक्ति के जीवन में भी सफलता और चमक बढ़ती है।रविवार को भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना विशेष महत्व रखता है, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि इस दिन कुछ खास उपाय करने से मनोकामनाएं भी पूरी हो सकती हैं। यदि इन उपायों के साथ कुछ विशेष मंत्रों का जाप किया जाए, तो भाग्य सूर्य की तरह दमकने लगता है। इन उपायों को अपनाने से व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में लाभ मिल सकता है। नींबू के उपाय आपको लगता है कि बार-बार बुरी नज़र लग रही है, तो रविवार के दिन एक ताज़ा नींबू लें। इसे बीच से काटकर अंदर काले तिल भरें और काले धागे से कसकर बांध दें। इसके बाद नींबू को घर से दूर किसी जगह फेंक दें। माना जाता है कि इससे नज़र का असर खत्म होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
अगर घर के किसी सदस्य को नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी परेशानी है, तो रविवार को उनके सिर से पैर तक नींबू को सात बार घुमाएं। फिर उस नींबू के चार टुकड़े करके किसी सुनसान या वीरान जगह पर फेंक दें। ध्यान रखें, इस उपाय के समय आसपास कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद न हो।
अगर काम बार-बार अटक जाते हैं या असफलता मिल रही है, तो रविवार को एक नींबू लेकर अपने सिर से पैर तक सात बार घुमाएं। फिर उसे दो हिस्सों में काटें, दोनों टुकड़े एक-एक हाथ में लेकर विपरीत दिशाओं में फेंक दें। ऐसा करने से बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए काम बनने लगते हैं। इन मंत्र का करें जाप ॐ हूं सूर्याय नमः – मानसिक शांति और बुद्धि वृद्धि के लिए।
ॐ आदित्याय नमः – आर्थिक समस्या दूर करने और बुद्धि तीव्र करने के लिए।
ॐ भास्कराय नमः – शरीर-मन की शुद्धि और प्रसन्नता के लिए।ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें।
पूजा शुरू करने से पहले भगवान गणेश का आवाह्न करें।
तांबे के लोटे में जल भरें और उसमें लाल पुष्प, रोली, चावल और काला तिल डालें।
पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
अर्घ्य देते समय जल की धारा में से सूर्य के दर्शन करें।
अर्घ्य अर्पण करते हुए सूर्य मंत्रों का उच्चारण करें।
पूजा के बाद सूर्य चालीसा का पाठ करें। यहां दी गई जानकारी (सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Ekhbari.com उत्तरदायी नहीं है।)










